अहमदाबाद: पाकिस्तान की एक जेल में बंद कच्छ का शख्स अपनी कैद की सजा समाप्त होने के एक साल बाद भी भारत वापस नहीं आ पाया है, क्योंकि गृह मंत्रालय ने उसकी नागरिकता का सत्यापन नहीं किया है. एक आरटीआई अर्जी के जवाब में यह बात सामने आई है. Also Read - 2015 से था लापता, अब लाहौर की जेल से छूटकर घर पहुंचा अनिल...

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गुजरात के कच्छ जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा से करीब 50 किलोमीटर दूर नाना दिनारा गांव के रहने वाले 51 साल के इस्माइल सम्मा अगस्त 2008 में लापता हो गये थे. वह मवेशियों को चराते हुए गलती से पाकिस्तान की सीमा में चले गये थे. मुंबई के एनजीओ ‘पाकिस्तान-इंडिया पीपुल्स फोरम फॉर पीस एंड डेमोक्रेसी’ के जतिन देसाई ने यह जानकारी दी. Also Read - Unlock 4.0 की शुरुआत आज से, क्या खुलेगा और किसकी नहीं होगी इजाजत- जानें सबकुछ

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इस मुद्दे पर पिछले साल अगस्त में विदेश मंत्रालय में आरटीआई अर्जी दाखिल करने वाले देसाई को पिछले दिनों पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग की तरफ से जवाब मिला है.

सीमापार करके पाकिस्तान पहुंच गये सम्मा को अक्तूबर 2011 में जासूसी के आरोप में पांच साल कैद की सजा सुनाई गयी थी. देसाई ने कहा, ‘‘उनकी जेल की सजा अक्तूबर, 2016 में समाप्त हो गयी. लेकिन गृह मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीयता का सत्यापन नहीं होने की वजह से उन्हें अभी तक देश वापस नहीं भेजा गया है.’’ सम्मा का परिवार कई साल से उनकी तलाश कर रहा था. पिछले दिनों पता चला कि वह पाकिस्तान की एक जेल में बंद हैं.