हैदराबाद: हैदराबाद नगर निगम के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल रविवार को सातंवें दिन भी जारी है। इस हड़ताल के कारण ग्रेटर हैदराबाद की सड़कों पर कूड़े के ढेर लग गया है। हैदराबाद और सिकंदराबाद में रिहायशी कॉलोनियों में कूड़े के ढेर और सड़कों पर फैले कचरे की वजह से निवासियों और आगंतुकों का जीवन दूभर हो गया है। यह भी पढ़े:द’ से दारू, ‘प’ से पीयो: एक नशेड़ी टीचर ने बच्चो पढ़ायाAlso Read - तेलंगाना कांग्रेस चीफ ए रेवंत रेड्डी को हैदराबाद पुलिस ने किया हाउस अरेस्‍ट

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तेलंगाना सरकार और हड़ताली कर्मचारियों के बीच शनिवार रात एक अन्य दौर की बातचीत बेनतीजा रही। अधिक वेतन और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे सफाई कर्मी हड़ताल पर हैं, लेकिन इस हड़ताल से हैदराबाद को सर्वाधिक परेशानी हो रही है। Also Read - पेट्रोल-डीजल महंगा, छत्तीसगढ़ में निजी बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, ये है मांग

हड़ताल समाप्त करने के लिए कर्मचारियों को मनाने हेतु कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस हड़ताल से न सिर्फ स्वच्छ हैदराबाद की छवि धूमिल हुई है, बल्कि इससे लोगों को भी काफी असुविधा हो रही है। हैदराबाद में प्रतिदिन औसतन 4,000 टन कूड़ा इकट्ठा होता है। रमजान की वजह से कचरे में अत्यधिक वृद्धि हुई है।

राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने नगर प्रशासन और शहरी विकास विभाग तथा ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (जीएचएमसी) को नोटिस जारी कर कचरे के निपटान के लिए वैकल्पिक इंतजाम करने को कहा है। जीएचएमसी ने हालांकि, कचरे के निपटान के लिए 4,000 निजी श्रमिकों और 1,050 सफाई वाहनों में से 830 को तैनात किया है, लेकिन इससे भी कोई लाभ नहीं हुआ। स्थाई और ठेके पर काम कर रहे सफाई कर्मी न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी और स्वास्थ्य कार्ड, भविष्य निधि और घर जैसी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।