नई दिल्ली. देश के 4 प्रमुख शहरों में हर 12 वर्ष पर लगने वाला कुंभ मेला हमारी संस्कृति, धर्म और आस्था का ही प्रतीक नहीं, बल्कि यह अर्थव्यवस्था और समाज चेतना का साधन भी है. अगले साल वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयाग यानी इलाहाबाद में कुंभ मेले का आयोजन होगा. इससे पहले कुंभ पर चर्चा के लिए कल यानी 5 सितंबर को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी संस्था, नैमिषारण्य फाउंडेशन संस्कृति कुंभ का आयोजन करने जा रही है. राज्यसभा सांसद और मीडिया हस्ती सुभाष चंद्रा, राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत राज्यसभा सदस्य सोनल मानसिंह और प्रख्यात पार्श्वगायिका लता मंगेशकर के अलावा इस कार्यक्रम में कई नामचीन व्यक्ति शिरकत करेंगे. मुंबई के जुहू स्थित इस्कॉन (ISKCON) सभागार में होने वाला यह संस्कृति कुंभ शाम 5.30 बजे से शुरू होगा.

केंद्रीय संस्कृति मंत्री महेश शर्मा, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता भैयाजी जोशी भी इस कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. संघ समर्थित संस्था संस्कार भारती के सहयोग से हो रहे इस कार्यक्रम के बारे में राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा ने बीते दिनों अपने आधिकारिक टि्वटर हैंडल पर जानकारी दी. चंद्रा ने अपने ट्वीट में कहा है, ‘मुंबई में पहली बार कुंभ, वैचारिक महाकुंभ का आयोजन हो रहा है. प्रयागराज कुंभ के उपलक्ष्य में मुंबई के प्रतिष्ठित नागरिकों से कुंभ के विषय पर चर्चा करने के लिए 5 सितंबर, बुधवार को वैचारिक कुंभ आयोजित होगा, जिसका विषय है ‘भारतीय अस्मिता और कुम्भ’. कुंभ केवल आस्था व वैज्ञानिकता का ही प्रतीक नहीं, अपितु अर्थव्यवस्था व समाज चेतना का साधन भी है.’

पीएम मोदी और उप राष्ट्रपति ने भेजा विशेष संदेश
पीएम नरेंद्र मोदी, उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मुंबई में होने वाले वैचारिक कुंभ के आयोजन के लिए विशेष संदेश भेजे हैं. मुंबई वैचारिक कुंभ के दौरान तीनों लोगों द्वारा भेजे गए विशेष संदेशों को पढ़कर सुनाया जाएगा. संस्कार भारती के संस्थापकों में से एक और आरएसएस के वरिष्ठ नेता अमीरचंद ने बताया कि इस कुंभ में मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज फिल्मकार सुभाष घई भी शामिल होंगे. उन्होंने बताया कि सुभाष घई इस आयोजन में अपने विचार रखेंगे. बता दें कि 12 वर्ष पर लगने वाले कुंभ मेले के आयोजन को अंतरराष्ट्रीय संस्था UNESCO ने भी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान देने वाला महत्वपूर्ण आयोजन घोषित किया है.