कोलकाता, 18 फरवरी | केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को करोड़ों रुपयों के शारदा घोटाला मामले में एक पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें पश्चिम बंगाल के गिरफ्तार परिवहन मंत्री मदन मित्रा समेत कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (अलीपुर) हरधान मुखर्जी के समक्ष पेश किए गए आरोप पत्र में सीबीआई ने तृणमूल कांग्रेस से निलंबित और राज्यसभा सदस्य कुनाल घोष, तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद सृंजय बोस और नरेश बलोदिया को आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, अमानत में खयानत के अलावा प्राइज चिट एंड मनी परिसंचरण (प्रतिबंधित) अधिनियम के तहत आरोपी बनाया है।

आरोप पत्र में सीबीआई ने तीन कंपनियों को भी आरोपी बनाया है, इनमें स्ट्रेटजी मीडिया, संगबाद प्रतिदिन और बंगाल मीडिया का नाम शामिल है। सृंजय बोस के अलावा बालोदिया समेत सभी अन्य आरोपी सलाखों के पीछे हैं। बालोदिया शारदा समूह के प्रमुख और घोटाले के सरगना सुदीप्त सेन के सलाहकार थे। सेन इस समय जेल में बंद हैं।
बोस संगबाद प्रतिदिन के संपादक थे और उन्हें इस माह की शुरुआत में अदालत द्वारा जमानत दे दी गई। वह 70 दिनों तक जेल में बंद रहे। जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। यह भी पढ़ें– शारदा घोटाला : तृणमूल नेता रजत मजूमदार को जमानत

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद पिछले साल मई में सीबीआई ने घोटाले की जांच को अपने हाथ में लिया था। सीबीआई ने इस मामले में पिछले साल 22 अक्टूबर को शहर सत्र न्यायालय के समक्ष पहला आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद जांच एजेंसी ने एक पूरक आरोप पत्र 17 नवंबर को अलीपुर न्यायालय में दाखिल किया था।  इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय ने ख्याति सदाना से भी पूछताछ की, जो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मतंग सिंह की सहयोगी थीं। मतंग सिंह को सीबीआई पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

जांच एजेंसी द्वारा दो घंटे तक पूछताछ किए जाने के बाद बाहर आईं सदाना ने कहा, “मतंग सिंह से संबंधित कुछ दस्तावेज के संदर्भ में प्रवर्तन निदेशालय ने मुझे बुलाया था।”