
नई दिल्ली, 6 फरवरी | तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने करोड़ों रुपये के शारदा चिटफंड घोटाले में अपनी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा ‘निशाना’ बनाए जाने को लेकर शुक्रवार को उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से मुलाकात की। यह मुलाकात सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार और तृणमूल कांग्रेस की याचिका खारिज किए जाने के एक दिन बाद हुई है। सरकार और पार्टी ने इस मामले में न्यायालय से सीबीआई की जांच की निगरानी करने का अनुरोध किया था। इस मामले में सीबीआई पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल के कई मंत्रियों व नेताओं से पूछताछ कर चुकी है और कई को गिरफ्तार भी किया गया है।
राज्यसभा में तृणमूल के मुख्य सचेतक डेरेक ओ’ब्रेन ने अंसारी से मुलाकात के बाद कहा, “उपराष्ट्रपति ने हमें समय दिया था। हमने कई मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत गोपनीय थी, मैं मीडिया के सामने उसका खुलासा नहीं कर सकता।” तृणमूल ने पार्टी की कोर समिति की चार जनवरी को हुई बैठक में यह मुद्दा अंसारी के समक्ष उठाने का निर्णय लिया था।
अंसारी से शुक्रवार को मिलने वाले तृणमूल के राज्यसभा सदस्यों में जोगन चौधरी, नदीमुल हक, अहमद हसन तथा पार्टी के महासचिव मुकुल रॉय शामिल थे। पूर्व रेलमंत्री मुकुल रॉय से सीबीआई ने शारदा घोटाला मामले में 30 जनवरी को पूछताछ की थी। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अंसारी से तृणमूल की मुलाकात का मजाक उड़ाया है। पार्टी के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, “तृणमूल जानती है कि उसके लोग शारदा घोटाले में शामिल हैं। यही वजह है कि वे कभी अदालत जा रहे हैं तो कभी कोई अन्य दरवाजा खटखटा रहे हैं। सीबीआई मामले की जांच कर रही है और सही तस्वीर निश्चित रूप से सामने आएगी। दोषियों को इन सबसे कोई मदद नहीं मिलने वाली है।”
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