कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की सांसद शताब्दी रॉय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सारदा समूह से ब्रांड दूत के तौर पर उन्हें मिले करीब 31 लाख रुपए प्रवर्तन निदेशालय को लौटा दिए हैं. ईडी के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि रॉय ने सोमवार को एजेंसी के अधिकारियों को इस रकम का बैंक ड्राफ्ट सैंपा. यह एक संदेशवाहक के जरिए भेजा गया है. Also Read - फारूक अब्दुल्ला को दूसरी बार ED का समन, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा- आवाज दबाने की कोशिश

रॉय ने सारदा समूह की ब्रांड दूत के तौर पर काम करने के लिए समूह के साथ 49 लाख रुपये का अनुबंध किया था. उस वक्त यह समूह अवैध निवेश योजना चला रहा था और मासूम लोगों को ज्यादा प्रतिफल देने का वादा कर उनसे बड़ी रकम जुटा रहा था. Also Read - दाऊद इब्राहिम के करीबी इकबाल मिर्ची और उसके परिवार से जुड़ी 22 करोड़ की संपत्ति ED ने जब्त की

बहरहाल, सांसद ने दावा किया कि उन्हें अनुबंध राशि के तौर पर 31 लाख रुपए मिले थे जो उन्होंने लौटा दिए. अप्रैल 2013 में समूह बंद हो गया था और हजारों निवेशकों को ठग लिया गया था. Also Read - फारूक अबदुल्ला से ED की पूछताछ को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस का केंद्र पर हमला- 'राजनीतिक बदले की कार्रवाई' बताया

इस मामले के संबंध में जांच एजेंसी ने मदन मित्रा जैसे तृणमूल कांग्रेस के कई नेता और प्रोसेनजीत चटर्जी, ऋतुपर्णा सेनगुप्ता जैसे बंगाली फिल्म अभिनेताओं से पूछताछ की है. राज्य में चिटफंड घोटाले की जांच सीबीआई और ईडी कर रही है.