नई दिल्ली: कश्मीरियों के लिए पहला विकल्प आजादी है…ये बयान देकर पहले ही विवादों में घिरे जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के नेता ने सोमवार को अपनी बुक लॉन्च के मौके पर एक ऐसा ही बयान दिया है जिसपर विवाद हो सकता है. सोज ने सोमवार को अपनी बुक लॉन्च के मौके पर कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल कश्मीर पाकिस्तान को देना चाहते थे लेकिन जवाहरलाल नेहरू कश्मीर को भारत के साथ रखना चाहते थे. Also Read - School College Reopening latest News: जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जारी की गाइडलाइन, 31 दिसंबर तक बंद रहेंग स्कूल-कॉलेज

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सोज ने कहा, ”सरदार पटेल अभिमानी थे और उन्होंने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को कश्मीर देने का ऑफर दिया था, सरदार पटेल ने खान से कहा था कि हैदराबाद की बात मत करो, कश्मीर की बात करो और कश्मीर ले लो लेकिन हैदराबाद की बात मत करो…उस समय खान युद्ध के लिए तैयार हो रहे थे लेकिन पटेल नहीं.” Also Read - इंटरव्यू: चिदंबरम ने कहा- BJP देश में निरंकुशता और नियंत्रण युग वापस लाएगी, देश पीछे जाएगा

नहीं पहुंचे चिदंबरम

सोज की बुक लॉन्च के कार्यक्रम से कांग्रेसी नेताओं ने किनारा करना ही बेहतर समझा. पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को सोज की किताब का विमोचन करना था लेकिन वो कार्यक्रम में नहीं पहुंचे. कांग्रेस ने सोज की किताब से किनारा कर लिया है और इसे सोज की निजी राय बताया है. अपनी किताब पर हो रहे विवाद और विमोचन के मौके पर कांग्रेसी नेताओं के न आने पर सोज ने कहा, ”ये मेरी किताब है और इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं…पार्टी को इससे कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए.” कांग्रेस ने सोज के बयान को किताब बेचने का सस्ता हथकंडा बताया था.

क्या था किताब में?

पिछले दिनों सोज की किताब के कुछ अंश बाहर आए थे जिसमें लिखा गया है कि कश्मीरियों के लिए सबसे पहला विकल्प ‘आजादी’ है. सोज ने परवेज मुशर्रफ के उस बयान का समर्थन किया था जिसमें कश्मीरियों के लिए आजादी को पहला विकल्प बताया गया था. मुशर्रफ ने कहा था कि अगर कश्मीरियों को अपनी मर्जी चलाने का मौका मिलेगा तो वो सबसे पहले आजाद कश्मीर चाहेंगे.

सोज ने मुशर्रफ से सहमति जताते हुए कहा था कि ये बयान आज भी सार्थक है. इस पर काफी विवाद हुआ था और कांग्रेस को बैकफुट पर आना पड़ा था. बाद में कांग्रेस ने सोज के इस बयान से खुद को अलग कर लिया था और इसे सोज का निजी बयान बताया था.

सोज की सफाई

अपने बयान पर मचे विवाद के बाद सोज ने अपनी सफाई में कहा था कि ये उनका निजी बयान है और इससे पार्टी का कोई लेना देना नहीं है. सोज ने कहा था कि कश्मीर में ताकत से नहीं बल्कि बातचीत से ही मामला सुलझ सकता है. बीजेपी ने इस मामले पर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला था जिसके बाद कांग्रेस ने सोज के बयान से पल्ला झाड़ लिया था.