नई दिल्ली. पूरा देश बुधवार को सरदार पटेल की जयंती मना रहा है. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया की सबसे ऊंचा सरदार पटेल के स्टेच्यू का अनावरण किया. इसके साथ ही उन्होंने देश के लिए पटेल के योगदान को याद किया. बता दें कि 31 अक्टूबर 1875 को सरदार पटेल का जन्म हुआ था, Also Read - नेहरू और पटेल की बीच रिश्‍तों को लेकर विदेशमंत्री एस जयशंकर और रामचंद्र गुहा के बीच ट्विटर पर हुई बहस

सरदार पटेल का योगदान जहां देश की आजादी में था, उसके साथ ही उन्होंने आजादी के बाद कई रियासतों को देश में मिलाने का भी ऐसा काम किया जो काफी मुश्किल माना जा रहा था. लेकिन, आजादी के तीन साल बाद ही 15 दिसंबर 1950 को उनका निधन हो गया. वह काफी समय से बीमार चल रहे थे. Also Read - विदेश मंत्री एस जयशंकर का दावा- पंडित नेहरू मंत्रिमंडल में सरदार पटेल को नहीं करना चाहते थे शामिल

बेटा-बेटी दोनों सांसद बने
पटेल के निधन के बाद उनके बड़े बेटे दहया पटेल राजनीति में सक्रिय रहे और कांग्रेस के टिकट पर मुंबई से 1957 में सांसद और फिर 1962 में राज्यसभा में गए. वहीं, उनकी बेटी मनिबेन पटेल गुजरात से भी सांसद बनीं. दोनों ही कांग्रेस में सक्रिय रहे. मनिबेल गुजरात के दक्षिणी कैरा से पहली बार सांसद चुनी गईं. दूसरी बार वह आणंद से सांसद बनीं. इसके बाद साल 1964 से 1970 तक राज्यसभा की सदस्य रहीं. हालांकि, इस दौरा में ही मनिबेन की राजनीति काफी उथल-पुथल रही. पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़ मोरारजी देसाई की पार्टी ज्वाइन की और फिर वह कांग्रेस में आ गईं. Also Read - अनुच्छेद 370 को हटाकर संसद ने पूरा किया सरदार वल्लभभाई पटेल का सपना: शाह

इमरजेंसी के बाद पटेल की बेटी ने छोड़ दिया कांग्रेस
साल 1975 में इमरजेंसी इंदिरा गांधी सरकार के द्वारा इमरजेंसी लगाने के बाद मनिबेन ने एक बार फिर कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद वह मोरारजी देसाई के साध हो लीं और साल 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर मेहसाणा से सांसद चुन कर आईं. हालांकि, 70 का दशक जिस तरह से कांग्रेस के लिए रहा, उससे दोनों का मोह कांग्रेस से खत्म हो गया और उन्होंने पार्टी छोड़ दी.

182 मीटर ऊंचा है पटेल की स्टैच्यू
गुजरात में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध से 3.5 किलोमीटर की दूरी पर है. लंबाई 182 मीटर है, जिस कारण इसे 7 किलोमीटर की दूरी से भी देखा जा सकता है. पर्यटकों का स्वागत करने के लिए गुजरात सरकार ने ना केवल 3 स्टार होटल, शॉपिंग सेंटर और रिसर्च सेंटर बनाया है बल्कि हाई स्पीड ऐलिवेटर्स बनाए गए हैं. इससे आप स्टैच्यू के भीतर जाकर आसपास के नजारे देख सकते हैं. इस प्वाइंट पर एक समय में 200 लोग खड़े हो सकते हैं.