पणजी: जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रविवार को यहां गोवा के राज्यपाल के रूप में शपथ ली. बम्बई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नदंराजोग ने पणजी के नजदीक यहां राजभवन में उन्हें शपथ दिलाई. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 25 अक्टूबर को मलिक को गोवा का राज्यपाल नियुक्त किया था. उन्होंने मृदुला सिन्हा का स्थान लिया है. सिन्हा का कार्यकाल 31 अगस्त को समाप्त हो गया था. अनुच्छेद 370 को रद्द किए जाने के साथ जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद उसका विभाजन कर दो केंद्रीय शासित प्रदेश (जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख) बनाने के वक्त तक मलिक प्रदेश के राज्यपाल थे.

गोवा सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मलिक स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत राम मनोहर लोहिया की समाजवादी विचारधारा से प्रेरित होकर 1965 में राजनीति में आए थे. लोक दल की तरफ से 1980 में वह राज्यसभा के लिए पहली बार चुने गए. 1986 में वह कांग्रेस पार्टी की ओर से भी राज्यसभा के लिए चुने गए. बाद में मलिक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए और 2005 में वह लोकसभा के लिए चुने गए.

मलिक ने शपथ ग्रहण करने के तत्काल बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सभी मुद्दों को सफलतापूर्वक संभाला. हालांकि जम्मू-कश्मीर को उन्होंने एक समस्याओं वाला स्थान बताया. मलिक ने कहा, “मैं कश्मीर से आया हूं, जिसे एक बहुत ही समस्या वाले स्थान के रूप में जाना जाता है. मैंने वहां सभी मुद्दों को सफलतापूर्वक संभाला. अब एक शांतिपूर्ण और अच्छा स्थान है, जो प्रगति कर रहा है. यहां का नेतृत्व विवादास्पद नहीं है. वे बहुत अच्छे तरह से काम कर रहे हैं.”

गोवा के राज्यपाल के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी के बारे में मलिक ने यह भी कहा कि वह एक अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण और आराममय कार्यकाल को लेकर उत्सुक हैं. मलिक ने कहा, “इसलिए मैं महसूस करता हूं कि मैं यहां काफी शांतिपूर्ण और आराम का समय बिताऊंगा.”

(इनपुट-आईएएनएस)