श्रीनगर: जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बुधवार को कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार का अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी करने का निर्णय जम्मू-कश्मीर के लोगों की भलाई के लिए है. उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन कश्मीर घाटी में मौतों का कोई आंकड़ा नहीं छिपा रहा है, यहां किसी की भी मौत नहीं हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में लगभग 50 हजार नई सरकारी नौकरियां पैदा होंगी.

 

मलिक ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि हर कश्मीरी जीवन हमारे लिए मूल्यवान है, किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ है, केवल कुछ हिंसक लोग घायल हुए हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग घायल हुए हैं, उन्हें कमर से नीचे ही चोट आई है. उनका प्रशासन मौत का आंकड़ा कैसे छिपा सकता है, जब केंद्र से टीमें रोजाना उनसे मिलने आ रही हैं. मलिक ने घोषणा की कि सरकार कुपवाड़ा और हंदवाड़ा जिलों में मोबाइल फोन कनेक्टिविटी खोलने जा रही है. इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि फोन और इंटरनेट का उपयोग लोगों द्वारा कम किया जाता है, जबकि इसका ज्यादातर इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा किया जाता है.


जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की बेहतरी के लिए है सरकार का निर्णय
उन्होंने कहा कि यह हमारे खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला एक प्रकार का हथियार है, इसलिए हमने इसे रोक दिया है. धीरे-धीरे सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी. जम्मू एवं कश्मीर में अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के निर्णय का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का निर्णय जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों की बेहतरी के लिए है.


50 अतिरिक्त डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में आने वाले दिनों में इतना विकास होगा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में भी लोग उसी तरह का विकास कराने की मांग करेंगे. उन्होंने कहा कि जल्द ही लगभग 50 हजार सरकारी नौकरियों की घोषणा की जाएगी और 50 अतिरिक्त डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे.