नई दिल्ली: अपनी मांगों को लेकर उपराज्यपाल कार्यालय में भूख हड़ताल कर रहे दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत बिगड़ गई है जिसके बाद उन्हें राजधानी के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके तीन वरिष्ठ मंत्री मनीष सिसोदिया, गोपाल राय और सत्येंद्र जैन पिछले सात दिनों से अपनी मांगों को लेकर उपराज्यपाल कार्यालय में धरना दे रहे हैं जिसमें से मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन भूख हड़ताल पर हैं.

केजरीवाल की मांग है कि दिल्ली में आईएएस अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराई जाए ताकि अधिकारी मीटिंग में हिस्सा लें और डोर स्टेप राशन की सुविधा शुरू कराई जाए. जैन ने मंगलवार से भूख हड़ताल शुरू की थी और शनिवार से उनका शुगर लेवल कम हो रहा था. केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘सत्येंद्र जैन की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.’’

आईएएस अधिकारियों का आरोप
दिल्ली आईएएस एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार से उसके अधिकारियों को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं करने को कहा और उनके दावे को खारिज किया कि वे हड़ताल पर हैं. आईएएस अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है. केजरीवाल के उपराज्यपाल के साथ टकराव के बीच एसोसिएशन ने कहा आप सरकार को अपना रूख बदलने की जरूरत है.

राजस्व सचिव मनीषा सक्सेना ने परिवहन आयुक्त वर्षा जोशी, दक्षिण दिल्ली जिलाधिकारी अमजद टाक और सूचना एवं प्रचार सचिव जयदेव सारंगी के साथ प्रेस क्लब में संवाददाता सम्मेलन किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी काफी गंभीरता और समर्पण से काम कर रहे हैं.

अधिकारियों ने यह भी कहा कि वे लोग राजनीति में शामिल नहीं हैं और तटस्थ हैं. उनका काम सरकार की नीतियों को लागू करना है. उन्होंने कहा, ‘‘हम सिर्फ कानून और संविधान के प्रति उत्तरदायी हैं.’’ सक्सेना ने कहा, ‘‘हमें निशाना बनाया गया और कहा गया कि हम किसी के साथ काम कर रहे हैं. हम यह बताना चाहेंगे कि हम हड़ताल पर नहीं हैं.’’ आईएएस एसोसिएशन के जवाब में रविवार रात में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आईएएस अधिकारियों को अपने परिवार का हिस्सा बताते हुए आश्वस्त किया कि वह उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.

केजरीवाल ने दिया भरोसा
केजरीवाल ने स्थिति संभालते हुए अधिकारियों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उन्हें अपने परिवार का हिस्सा बताया. इस बीच, गतिरोध को देखते हुए गैर भाजपा शासन वाले चार राज्यों के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दखल देने और संकट के समाधान का अनुरोध किया.

केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा, ‘‘अधिकारी मेरे परिवार का हिस्सा हैं. मैं उनसे आग्रह करना चाहूंगा कि चुनी हुई सरकार का बहिष्कार करना बंद कर वे अब काम पर लौट आएं और मंत्रियों की सभी बैठकों में हिस्सा लें, कॉल और मैसेज का जवाब दें और निरीक्षण के लिए उनके साथ रहें.’’

कांग्रेस ने की माफी की मांग
दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख अजय माकन ने कहा कि केजरीवाल को मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के समक्ष खेद प्रकट कर इस संकट को समाप्त करना चाहिए. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता शीला दीक्षित ने कहा कि अगर केजरीवाल दिल्ली के संबंध में संवैधानिक प्रावधानों को नहीं समझ सके हैं तो कोई भी उनकी मदद नहीं कर सकता.

केजरीवाल की अगुवाई वाली आप और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच बढ़ते गतिरोध की पृष्ठभूमि में कांग्रेस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि उनके बढ़े हुए अहंकार के कारण दिल्ली के लोग परेशान हो रहे हैं.

आप का प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री निवास की ओर मार्च निकाला लेकिन बीच रास्ते में ही पुलिस ने इसे रोक दिया. राजधानी में मंडी हाउस से प्रधानमंत्री आवास तक आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं के विरोध मार्च के मद्देनजर दिल्ली में रविवार को पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया.

इससे पहले दिन में पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और केरल के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और दिल्ली में उपराज्यपाल और आप सरकार के बीच गतिरोध को दूर करने का आग्रह किया.