दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को भलस्वा कचरा भराव क्षेत्र (लैंडफिल) का मुआयना किया। उन्होंने कहा कि कचरा फेंकने की इस जगह का राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के वायु प्रदूषण में प्रमुख भूमिका है। जैन ने कहा, “भलस्वा लैंडफिल का इस्तेमाल कचरा डालने के लिए किया जाता है। इसमें अक्सर आग लगी रहती है, धुआं निकलता रहता है। हमें इसे बुझाने की जरूरत है।”

मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, “यह लैंडफिल जहां जमा कूड़े के ढेर में अक्सर आग लगी रहती है, वायु प्रदूषण बढ़ा देता है। आप यहां देखेंगे तो कुछ ऐसे निश्चित स्थान हैं जहां अब भी आग लगी हुई रही है।” ये भी पढ़ें: दिल्ली गैस चेंबर में बदल गया है : केजरीवाल

दिल्ली सरकार और नगर निकाय संयुक्त रूप से अधिक कचरे के निस्तारण और लपटों को बुझाने के लिए एक योजना तैयार कर रहे हैं।

दिल्ली नगर निगम ने आग बुझाने के लिए 15 से 20 दिन का समय मांगा है।

सरकार 50 से 60 प्रतिशत कचरे का इस्तेमाल सड़क निर्माण के लिए करने पर विचार कर रही है। बाकी का इस्तेमाल कचरे से बिजली बनाने वाले संयंत्र में इस्तेमाल किया जाएगा।

उन्होंने इसे एक भीषण समस्या करार देते हुए कहा कि इस पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है।

उत्तरी दिल्ली का भलस्वा लैंडफिल 21 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसे 1994 में सरकार से मंजूरी मिली थी। यहां हर दिन 2700 टन कचरा डाला जाता है।