कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह ने गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पर हमला बोलते हुए शनिवार को कहा कि वे ‘राज्य के लोगों को धोखा देने’ के लिए माफी मांगे और ‘विधायकों की खरीदारी’ के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद दें जिन्होंने गोवा में सरकार गठित करने में उनकी मदद की। इससे पहले शुक्रवार को पर्रिकर ने राज्यसभा में दिग्विजय का मज़ाक उड़ाते हुए कहा था कि दिग्विजय गोवा में घूम रहे थे और हमने 48 घंटों के अंदर ही राज्य में अपनी सरकार बना ली। इसी मज़ाक से गुस्से में आए दिग्विजय ने लगातार चार ट्वीट करके पर्रिकर को खरी-खरी सुनाई है।

दिग्विजय ने ट्वीट में कहा, ‘श्री पर्रिकर सत्ता की भूख के लिए आपको शर्म आनी चाहिए। आपने गोवा के लोगों के साथ धोखा किया है। उनसे माफी मांगिए।’ दूसरे ट्वीट में दिग्विजय ने कहा ‘मनोहर पर्रिकर ने गोवा में उन्हें सरकार गठित करने देने के लिए मेरा धन्यवाद किया। यदि उन्हें किसी को धन्यवाद देना है तो वह नितिन गडकरी हैं जिन्होंने गोवा के एक होटल से 12 मार्च की सुबह आक्रामक तरीके से विधायकों को खरीदा।’

एक और ट्वीट में उन्होंने गोवा के गवर्नर पर तंज़ करते हुए लिखा, ‘संविधान, सरकारिया आयोग के दिशानिर्देश एवं उच्चतम न्यायालय का उल्लंघन करने… और गोवा के जनादेश को छीनने वाली गोवा की राज्यपाल को धन्यवाद देना चाहिए।’

पर्रिकर राज्यसभा में कहा था कि ‘कांग्रेस पार्टी के विधायकों को ही दिग्विजय सिंह पर भरोसा नहीं था। जिसके बाद हमने छोटी पार्टियों से मिलकर सरकार बना ली।’ इसके लिए पर्रिकर ने दिग्विजय सिंह का शुक्रिया भी अदा किया।

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को राज्यसभा में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह पर तंज़ कसा। उन्होंने कहा कि दिग्विजय गोवा में घूम रहे थे और हमने 48 घंटों के अंदर ही राज्य में अपनी सरकार बना ली। इसके लिए पर्रिकर ने दिग्विजय सिंह का शुक्रिया भी अदा किया। उन्होंने कहा ‘कांग्रेस पार्टी के विधायकों को ही उनपर भरोसा नहीं था। जिसके बाद हमने छोटी पार्टियों से मिलकर सरकार बना ली।’

दरअसल, कांग्रेस में गोवा में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। भाजपा की तरफ से सरकार बनाने के लिए नितिन गडकरी को गोवा भेजा गया। गडकरी ने क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर बहुमत के लिए प्राप्त समर्थन हासिल कर लिया।

कहा गया कि दिग्विजय ने पार्टी की सरकार बनाने के लिए सक्रियता नहीं दिखाई और बीजेपी को मौका दिया। खुद कांग्रेस के कई नेता दिग्विजय सिंह से काफी नाराज़ रहे।