नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक से पहले देश के तीन बड़े बैंकों एसबीआई, पीएनबी और आईसीआईसीआई बैंक ने बेंचमार्क ऋण दर यानी कोष की सीमान्त लागत (एमसीएलआर) आधारित दर में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि की है. इससे उपभोक्ताओं के लिए कर्ज महंगा होगा.नई दरें आज से प्रभावी हुई. Also Read - EMI रोकने के बहाने फ्रॉड कर रहे हैं साइबर अपराधी, SBI ने ग्राहकों को चेताया

एसबीआई ने सभी तीन वर्ष तक की विभिन्न परिपक्वता अवधि की बेंचमार्क ऋण दर में 0.10 प्रतिशत तक की वृ्द्धि की है. एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक , एसबीआई ने एक दिन और एक महीने की अवधि की कोष की सीमान्त लागत आधारित ऋण दर (एमसीएलआर) को 7.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.9 प्रतिशत कर दिया है. वहीं तीन साल की परिपक्वता अवधि वाले ऋण के लिए ब्याज दर को 8.35 प्रतिशत से बढ़कर 8.45 प्रतिशत किया है. Also Read - कोरोना महामारी के कारण SBI Clerk की मुख्य परीक्षा हुई स्थगित

वहीं, पीएनबी ने तीन वर्ष और पांच वर्ष अवधि के लिए एमसीएलआर को बढ़ाकर क्रमश : 8.55 प्रतिशत और 8.7 प्रतिशत किया है.पीएनबी ने आधार दर को भी 9.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 9.25 प्रतिशत किया. वहीं, आईसीआईसीआई बैंक ने कहा कि उसने पांच वर्ष अवधि की एमसीएलआर दर को 0.10 प्रतिशत बढ़ाकर 8.70 प्रतिशत किया.साथ ही एक वर्ष और तीन वर्ष की अवधि के ऋण के लिए भी एमसीएलआर में 0.10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. सूत्रों ने कहा कि अन्य बैंक भी जल्द ही इसी राह पर चलेंगे.अधिकांश आवास और वाहन ऋण एमसीएलआर से जुड़े हैं. Also Read - SBI के 2,56,000 कर्मचारी 2 दिन की सैलरी से PM CARES Fund में 100 करोड़ रुपए दान देंगे