भारतीय स्टेट बैंक :एसबीआई: ने आगामी पहली अप्रैल से बचत खातों में न्यूनतम अपेक्षित अधिशेष धन की सीमा कई गुना बढ़ाने का निर्णय किया है जिससे पेंशनभोगी और छात्र-छात्राओं सहित उसके मौजूदा 31 करोड़ खाता धारक प्रभावित होंगे।Also Read - RBI imposed fine on SBI: स्टेट बैंक पर RBI ने लगाया 1 करोड़ रुपये का जुर्माना, जानिए- क्या है पूरा मामला?

एसबीआई ने छह महानगरों की अपनी शाखाओं में बचत खातों में मासिक औसत अधिशेष :एमएबी: की अपेक्षित सीमा बढ़ाकर 5,000 रपये करने का निर्णय किया है। इसका असर उसके सहायक बैंकों के खाताधारकों पर भी होगा जिनका एसबीआई में विलय होने जा रहा है। Also Read - SBI PO Recruitment 2021: बैंक पीओ के लिए जल्दी करें आवेदन, अंतिम तारीख है नजदीक, यहां पाए पूरी जानकारी

एसबीआई के सहयोगी बैंकांे का उसमें एक अप्रैल को विलय हो रहा है। एसबीआई और उसके सहायक बैंकांे के खाताधारकांे पर भी न्यूनतम अधिशेष की यह सीमा लागू होगी। अधिशेष घटने पर ग्रामीण शाखाओं के खाता धारकांे पर जहां 20 रपये, महानगर के खाताधारकांे पर 100 रपये का जुर्माना लगेगा। Also Read - एसबीआई से 862 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में CBI ने मुंबई की IT इंफ्रा कंपनी पर मारा छापा

अभी बचत बैंक खातों पर मासिक औसत शेष बिना चेक बुक की सुविधा के 500 रपये और चेक बुक सुविधा के साथ 1,000 रपये है।
देश के सबसे बड़े बैंक ने अगले वित्त वर्ष यानी एक अप्रैल से महानगरांे, शहरी, अर्धशहरी और ग्रामीण इलाकांे के लिए अलग-अलग एमएबी तय करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य बैंक भी इस तरह का कदम उठा सकते हैं। जारी