नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सभी सेवारत शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला अधिकारियों को सेना में स्थायी कमीशन देने के अपने फैसले को लागू करने के लिए केंद्र को मंगलवार को एक और माह का समय दे दिया. न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि केंद्र को उसके फैसले में दिए गए सभी निर्देशों का अनुपालन करना होगा.Also Read - PM मोदी से मिलीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जानें किन-किन मुद्दों पर हुई बात

शीर्ष अदालत का यह निर्देश केंद्र की ओर से दायर एक आवेदन पर आया, जिसमें उसने कोविड-19 वैश्विक महामारी का हवाला देकर फैसले के क्रियान्वयन के लिए छह माह का समय मांगा था. Also Read - CBSE Board Exam Results 2021: शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan का बड़ा ऐलान, रिजल्ट का इंतजार जल्द होगा खत्म, जानिए

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सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को अपने ऐतिहासिक फैसले में निर्देश दिया था कि सेना में सभी महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन और कमांड पोस्टिंग दी जाए. शीर्ष अदालत ने महिलाओं की शारीरिक सीमा का हवाला देने वाले केंद्र के रुख को खारिज करते हुए इसे ”लैंगिक रूढ़ियों” और ”महिला के खिलाफ लैंगिक भेदभाव” पर आधारित बताया था.

इसने केंद्र को निर्देश दिया था कि तीन माह के भीतर, सभी सेवारत शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने पर विचार किया जाएगा भले ही वे 14 वर्ष या 20 वर्ष सेवाएं दे चुकी हों.