नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सभी सेवारत शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला अधिकारियों को सेना में स्थायी कमीशन देने के अपने फैसले को लागू करने के लिए केंद्र को मंगलवार को एक और माह का समय दे दिया. न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि केंद्र को उसके फैसले में दिए गए सभी निर्देशों का अनुपालन करना होगा. Also Read - SS Rajput death case: महाराष्‍ट्र सरकार ने SC को सौंपा सीलबंद लिफाफा, 11 अगस्‍त को सुनवाई

शीर्ष अदालत का यह निर्देश केंद्र की ओर से दायर एक आवेदन पर आया, जिसमें उसने कोविड-19 वैश्विक महामारी का हवाला देकर फैसले के क्रियान्वयन के लिए छह माह का समय मांगा था. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन से कहा- कुछ इलाकों में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल करने की संभावना तलाशें

सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी को अपने ऐतिहासिक फैसले में निर्देश दिया था कि सेना में सभी महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन और कमांड पोस्टिंग दी जाए. शीर्ष अदालत ने महिलाओं की शारीरिक सीमा का हवाला देने वाले केंद्र के रुख को खारिज करते हुए इसे ”लैंगिक रूढ़ियों” और ”महिला के खिलाफ लैंगिक भेदभाव” पर आधारित बताया था.

इसने केंद्र को निर्देश दिया था कि तीन माह के भीतर, सभी सेवारत शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने पर विचार किया जाएगा भले ही वे 14 वर्ष या 20 वर्ष सेवाएं दे चुकी हों.