नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र से कहा कि कश्मीर में जनजीवन सामान्य करने के लिए जल्द से जल्द सभी संभव कदम उठाए. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ,न्यायमूर्ति एस. ए. बोबडे और न्यायमूर्ति एस. ए. नजीर की एक पीठ ने कहा कि कश्मीर में अगर तथा-कथित बंद है, तो उससे जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट निपट सकता है. कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में जनजीवन सामान्य करने, कल्याणकारी सुविधाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने, स्कूल और कॉलेज खोले जाने को कहा. पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए चयनात्मक आधार पर प्रतिबंध हटाए जाएंगे.

कोर्ट ने कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को जम्‍मू-कश्‍मीर में जाने की अनुमति दे दी है, लेकिन रैली करने पर प्रतिबंध खत्‍म नहीं किया है. भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, “अगर आवश्यकता पड़ी तो मैं जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सकता हूं”

लोगों को हाईकोर्ट तक बात पहुंचाने में कठिनाई, ये बहुत बहुत गंभीर बात
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से उन आरोपों पर एक रिपोर्ट मांगी है, जिनमें कहा गया है कि लोगों को हाईकोर्ट तक अपनी बात पहुंचाने में कठिनाई हो रही है. भारत के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा, अगर लोग हाईकोर्ट से अपनी बात नहीं कह पा रहे हैं तो ये बहुत बहुत गंभीर बात है.

नतीजों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए
दो बाल अधिकार कार्यकर्ताओं के अधिवक्ता ने न्यायालय में आरोप लगाया कि लोगों को हाईकोर्ट से अपनी बात कहने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. प्रधान न्यायाधीश ने अधिवक्ता को चेतावनी दी कि अगर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की रिपोर्ट में विपरीत बात समाने आए तो उन्हें इसके नतीजों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.

370 को लेकर याचिकाओं पर सुनवाई 30 सितंबर को
सुप्रीम कोर्ट ने भारत और जम्मू-कश्मीर सरकार को मामले में एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा और धारा 370 में बदलाव की प्रक्रिया की वैद्धता को लेकर सुनवाई के लिए 30 सितंबर  निर्धारित कर दी है.

हाईकोर्ट से मांगी रिपोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के न्यायाधीश से इस आरोप पर रिपोर्ट मांगी है कि लोगों को उच्च न्यायालय से संपर्क करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है.

मीडिया को जाने के पास दिए गए हैं
वहीं, केंद्र ने पीठ को कहा कि कश्मीर स्थित सभी समाचार पत्र काम कर रहे हैं और सरकार हरसंभव मदद मुहैया करा रही है. प्रतिबंधित इलाकों में पहुंच के लिए मीडिया को पास दिए गए हैं और पत्रकारों को फोन और इंटरनेट की सुविधा भी मुहैया कराई गई है.

केंद्र ने कहा- एक भी गोली नहीं चली, सरकारी, निजी चैनल काम कर रहे
केंद्र ने कहा कि दूरदर्शन जैसे टीवी चैनल और अन्य निजी चैनल, एफएम नेटवर्क काम कर रहे हैं. केंद्र ने कहा कि एक गोली भी नहीं चलाई गई और कुछ स्थानीय प्रतिबंध लगे हैं. कश्मीर संभाग के 88 प्रतिशत से अधिक थाना क्षेत्रों से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं.पीठ ने अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल से कहा कि इन हलफनामों का विवरण दें और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रयास किए जाएं.

गुलाम नबी आजाद जा सकते हैं कश्‍मीर, लेकिन रैली नहीं करेंगे
उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को जम्मू, अनंतनगा, बारामूला और श्रीनगर जाने की अनुमति दी.  उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद राज्य की यात्रा के दौरान कोई राजनीतिक रैली नहीं करेंगे. अपनी यात्रा के दौरान आजाद लोगों के साथ बातचीत कर सकते हैं. CJI रंजन गोगोई ने कहा, “वह अपने हलफनामें के अनुसार, कोई भाषण नहीं देंगे और न ही कोई सार्वजनिक रैली करेंगे”.

तारिगामी को जम्मू कश्मीर जाने की अनुमति
उच्चतम न्यायालय ने माकपा नेता मोहम्मद यूसुफ तारिगामी को अपने गृह राज्य जम्मू-कश्मीर वापस जाने की सोमवार को अनुमति दे दी. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे एवं एस ए नजीर की पीठ ने कहा कि यदि एम्स के चिकित्सक उन्हें अनुमति दें तो पूर्व विधायक को घर जाने के लिए किसी की अनुमति आवश्यक नहीं है. पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि उनका वाहन उनसे ले लिया गया है और वह अपने घर तक सीमित रहेंगे. बीमार नेता को कोर्ट के आदेश के बाद नौ सितंबर को एम्स में भर्ती कराया गया था.