नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म आर्टिकल 15 को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड द्वारा जारी किए गए सर्टिफिकेट को रद्द करने की मांग संबंधी एक याचिका पर सुनवाई करने से सोमवार को इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत लेकर उपयुक्त प्राधिकार के पास जाने को कहा.

न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति बी आर गवई की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा, ”आप कानून के अंतर्गत उपयुक्त प्राधिकार के पास जाएं.” आयुष्मान खुराना अभिनीत यह फिल्म 28 जून को रिलीज हुई थी.

याचिकाकर्ता ‘ब्राह्मण समाज ऑफ इंडिया’ फिल्म को मिले प्रमाणपत्र को रद्द करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. उसने आरोप लगाया कि इस फिल्म में आपत्तिजनक संवाद हैं, जो समाज में अफवाह एवं जातीय घृणा फैला रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट के यह कहने के बाद याचिकाकर्ता को अपनी शिकायत लेकर उपयुक्त प्राधिकार के पास जाना चाहिए, उसके वकील ने याचिका वापस ले ली.