देश के उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली के स्वास्थ्यमंत्री सत्येंद्र जैन पर राज्य मे बढ़ते चिकुनगुनिया और डेंगू की समस्या से निपटने के लिए दिए गए आदेश का पालन न करने वाले अधिकारियों का नाम न बताने पर 25000 रुपए का जुर्माना लगाया है। सत्येंद्र सिंह ने जुर्माने से बचने के लिए 24 घंटे के बीतर हलफनामा दायर करने की बात कही लेकिन कोर्ट ने उन्हे 24 घंटे का समय देने से मना कर दिया। सा

कोर्ट ने कहा कि जब हर घंटे लोग मर रहे हों तो ऐसे में उन्हें समय नहीं मांगना चाहिए। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि अगर बातें बड़ी बड़ी करते हैं तो उसका सबूत भी देना पड़ेगा। इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं उन सभी के नाम खुली अदालत में बोले जाएं। सीलबंद लिफाफे में नाम स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार की ओर से सत्येंद्र जैन ने इस मामले पर एक हलफनामा दर्ज कर कहा था कि मामले से जुड़ी सभी फाइलें उप राज्यपाल के पास हैं और कोई अफसर सहयोग और जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। यह भी पढ़ें: डेंगू होने के कारण और उससे बचने के आसान उपाय

बता दें कि पिछले करीब दो महीने से डेंगू और चिकुनगुनिया दिल्ली में कहर ढाए हुए है और इसके मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र ने कोर्ट में कहा था कि अगर दिल्ली सरकार इसे रोकने में नाकाम है तो फिर ये काम केंद्र करेगी।