नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कांफ्रेन्स के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की जन सुरक्षा कानून के तहत नजरबंदी को चुनौती देने वाली उनकी बहन सारा अब्दुल्ला पायलट की याचिका पर शुक्रवार को जम्मू कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया. Also Read - Covid-19: SC ने जेलों में भीड़ कम करने के लिए कैदियों को रिहा करने का आदेश दिया

जस्टिस अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने कहा कि उमर अब्दुल्ला की नजरबंदी को चुनौती देने वाली सारा अब्दुल्ला पायलट की याचिका पर दो मार्च को सुनवाई की जाएगी. सारा अब्दुल्ला पायलट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए. Also Read - Oxygen Supply: केंद्र सरकार को लगी फटकार, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कड़े फैसले लेने पर न करें मजबूर

सारा अब्दुल्ला पायलट ने 10 फरवरी को शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर जम्मू कश्मीर जन सुरक्षा कानून 1978 के तहत अपने भाई की हिरासत को अवैध बताया और कहा था कि शांति व्यवस्था बहाल रखने को लेकर उनसे किसी खतरे का सवाल ही नहीं उठता. Also Read - मीडिया रिपोर्ट्स पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे चुनाव आयोग को दो टूक जवाब- इसके बजाय कुछ बेहतर कर सकते हैं

याचिका में जन सुरक्षा कानून के तहत पूर्ववर्ती जम्मू कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखने के पांच फरवरी के आदेश को खारिज करने और उन्हें अदालत के समक्ष हाजिर करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है.