नई दिल्ली|सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि देशभर में हाईवे पर चलने वाली शराब की दुकानों को बंद किया जाए. इस फैसले के बाद से तकरीबन 16000 शराब की दुकानों के लाइसेंस रद्द हो रहे हैं. लेकिन बंद हो रहे शराब की दुकानों की जगह अमूल ने मिल्‍क बार खोलने का विकल्‍प दिया है. वहीं अमूल के एमडी आरएस सोढ़ी ने कहा कि इस पहल से लोगों की सेहत तंदुरुस्त रहेगी.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से तकरीबन 10 लाख लोगों का रोजगार खतरे में आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश देते हुए कहा था कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गो के दोनों तरफ 500 मीटर के दायरे में पड़ने वाले होटलों और रेस्तरां में शराब नहीं परोसी जा सकती. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कुल 50000 करोड़ रुपए के राजस्व का घाटा होगा.

सर्वोच्च अदालत ने सिक्किम और मेघालय को प्रतिबंध से पूरी तरह से छूट दी. हिमाचल प्रदेश को राजमार्गों से लगे 20,000 या कम आबादी वाले स्थानीय निकायों में 220 मीटर दूरी की सीमा के प्रावधान में डाल दिया. कोर्ट ने यह फैसला शराब पीकर गाड़ी चलाने के कारण होने वाले हादसों को देखते हुए लिया है. कोर्ट का यह आदेश एक अप्रैल से लागू कर दिया गया है.