नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने सपा सांसद मोहम्मद आजम खान SP MP Mohammad Azam Khan के बेटे मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान Mohammad Abdullah Azam Khan का यूपी विधानसभा के लिए निर्वाचन रद्द करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से शुक्रवार को इंकार कर दिया. Also Read - Mafia Mukhtar Ansari को UP लाने पर जोरदार तकरार, मुकुल रोहतगी ने कहा-उसे CM ही बना दो

बता दें कि हाईकोर्ट ने बसपा प्रत्याशी नवाज काजिम अली खां को हराने वाले मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान का निर्वाचन इस आधार पर रद्द कर दिया था कि उनकी आयु कम थी और वह 2017 में चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे. Also Read - UPSC Exam: UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को झटका, नहीं मिलेगा अतिरिक्त मौका

सीजेआई एस.ए. बोबडे, जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस सूर्य कांत की पीठ ने मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान की याचिका पर निर्वाचन आयोग और रामपुर की स्वार विधानसभा सीट पर पराजित हुये बसपा के नवाज काजिम अली खां नोटिस जारी किये. दोनों को चार सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देना है. Also Read - Muzaffarnagar के सोरम गांव में झड़प पूर्वनियोजित, मेरे खिलाफ मस्जिद से घोषणाएं की गईं: केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि इस मामले की सुनवाई की जाएगी, क्योंकि स्कूल रिकार्ड के अलावा कुछ अन्य दस्तावेज पेश करके यह दिखाने का प्रयास किया गया है कि अब्दुल्ला आजम खान चुनाव लड़ने के योग्य थे. ये दस्तावेज पेश करके उनके चुनाव लड़ने की पात्रता के बारे में कुछ संशय पैदा किया गया है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, हमने इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला पढ़ा है, यह साक्ष्य पर आधारित है.’’

अब्दुल्ला खां ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए 17 दिसंबर को शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी. हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 2017 के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करते समय वह 25 साल के नहीं हुए थे और इसलिए वह विधानसभा का चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे.

इलाबाद हाईकोर्ट ने अपने रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया था कि निर्वाचन आयोग और उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष को आगे की कार्रवाई के लिए इस फैसले से अवगत कराया जाए.

बीएसपी के पराजित उम्मीदवार नवाज काजिम अली खां ने अब्दुल्ला खां के निर्वाचन के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर याचिका में दावा किया था कि निर्वाचित विधायक की वास्तविक जन्म तिथि 30 सितंबर, 1990 नहीं बल्कि एक जनवरी, 1993 है. अब्दुल्ला खां ने नामांकन पत्र में अपनी जन्म तिथि 30 सितंबर, 1990 लिखी थी.

अब्दुल्ला खां राज्य विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 11 मार्च 2017 को समाजवादी पार्टी के टिकट पर निर्वाचित हुए थे. इस निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि अब्दुल्ला खां के शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और वीजा पर सपा नेता की जन्म तिथि एक जनवरी, 1993 दर्ज है.