नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा फिल्म पद्मावत पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है. फिल्म के निर्माताओं की तरफ से प्रतिबंध के खिलाफ यह याचिका दायर की गई है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने निर्माताओं के वकील की अर्जी पर विचार किया कि फिल्म की रिलीज पर विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के मद्देनजर मामले की तत्काल सुनवाई की जाए. Also Read - ENG vs PAK सीरीज से ICC टेस्‍ट क्रिकेट में करने जा रहा है तकनीकी प्रयोग, अब नो बॉल के लिए…

राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और मध्य प्रदेश ने कानून और व्यवस्था का हवाला देते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया है. फिल्म 25 जनवरी को रिलीज होनी है. सेंसर बोर्ड की तरफ से फिल्म को हरी झंडी मिल चुकी है. इसके बावजूद बीजेपी शासित इन चार राज्यों ने फिल्म की रिलीज को हरी झंडी दिखाने से इनकार कर दिया है. Also Read - SSR Death Case: पटना आईजी के पत्र के बावजूद विनय तिवारी को छोड़ने तैयार नहीं है बीएमसी

एक और बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में भी फिल्म के प्रदर्शन पर संशय के बादल छाए हुए हैं. इस संबंध में सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अभी इस बारे में  (यूपी में फिल्म दिखाए जाने) पर कुछ कहा नहीं जा सकता. इन बड़े राज्यों में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने पर निर्माता को जबरदस्त घाटा होगा जो फिल्म पर करोड़ों खर्च कर चुके हैं. Also Read - जैकलीन फर्नांडीज ने अपने इन दो सुपरहिट गानों के सालगिरह पर मनाया जश्न, शेयर की ये खास बात   

पहले इस फिल्म का नाम पद्मावती था, लेकिन उत्तर भारत में भारी हंगामे और सरकारों के रुख को देखते हुए इस फिल्म का नाम पद्मावत कर दिया गया. बावजूद इसके करणी सेना सहित कई संगठन फिल्म की रिलीज को लेकर हंगामे की धमकी दे रहे हैं. उधर, इन चार राज्य सरकारों ने कानून व्यवस्था का हवाला देकर फिल्म को दिखाने से इनकार कर दिया है.