नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट आज सोमवार को ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ रथ यात्रा पर रोक लगाने वाले अपने आदेश पर विचार करेगा. बता दें सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 महामारी के चलते इस साल यात्रा पर रोक लगा दी थी. न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट की एकल न्यायाधीश पीठ आवेदनों पर सोमवार को सुनवाई करेगी. Also Read - गृहमंत्री अमित शाह ने बुलाई बैठक, योगी आदित्यनाथ, अरविंद केजरीवाल और मनोहर लाल खट्टर होंगे शामिल

सीजेआई की अध्‍यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच के इस आदेश पर सुधार के लिए शीर्ष कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गईं हैं. याचिका दायर करने वालों में ‘जगन्नाथ संस्कृति जागरण मंच’ बीजेपी सांसद संबि‍त पात्रा भी शामिल है. वहीं पुरी के शंकराचार्य ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सुनियोजित बताया था. रथा यात्रा की अनुमति की मांग की थी. Also Read - Maharashtra News Today 2 July 2020 : मुंबई-ठाणे में एक दिन में कोरोना से 105 लोगों की मौत, थमने का नाम नहीं ले रहा आंकड़ा!

ओडिशा के पुरी में होने वाले इस उत्सव में पूरी दुनिया से लाखों लोग शामिल होते हैं. रथयात्रा 23 जून से शुरू होनी थी. इसके बाद एक जुलाई को ‘बहुदा जात्रा’ (रथयात्रा की वापसी) शुरू होनी थी. आदेश के एक दिन बाद कुछ लोगों ने न्यायालय में याचिका दायर कर आदेश को निरस्त करने और इसमें संशोधन का आग्रह किया.

वहीं, ओडिशा के कानून विभाग ने बीते दिन एक बयान में कहा, ‘जब माननीय सुप्रीम में 2020 की रिट याचिका संख्या 571 सुनवाई के लिये आएगी तो राज्य सरकार गजपति महाराज के अनुरोध पर कानूनी रूप से अनुकूल कदम उठाएगी.’

शीर्ष अदालत ने 18 जून को अपने आदेश में कहा था कि जनस्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा के हित में पुरी में इस साल रथयात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती और यदि हम अनुमति देते हैं तो भगवान जगन्नाथ हमें क्षमा नहीं करेंगे.”

बता दें कि भारत के प्रधान न्यायाधीश एस.ए. बोबड़े की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने 18 जून को कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण सार्वजनिक स्वास्थ्य और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस साल ओडिशा की तीर्थ नगरी में रथयात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती है.