नई दिल्‍ली: पूरे देश की निगाहें आज सुप्रीम कोर्ट पर लगी हुई हैं. देश की शीर्ष अदालत आज तीन अहम मामलों में फैसला देने जा रही है. सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को राफेल लड़ाकू विमान सौदा, राहुल गांधी के बयान ”चौकीदार चोर है” और सबरीमाला मामले में फैसला देगी. इन फैसले से देश की दो बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से किसी को भी झटका लग सकता है.

ये हैं तीनों अहम मामले:-
1. राफेल सौदे पर सरकार को क्लीन चिट देने के निर्णय पर पुनर्विचार पर फैसला
सुप्रीम कोर्ट राफेल सौदे पर सरकार को क्लीन चिट देने के अपने निर्णय पर पुनर्विचार की मांग कर रही याचिकाओं पर गुरुवार को फैसला सुनाएगा. शीर्ष कोर्ट राफेल मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री – यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी, सामाजिक कार्यकर्ता-वकील प्रशांत भूषण समेत कुछ अन्य की याचिकाओं पर फैसला सुनाएगी, जिनमें पिछले साल के 14 दिसंबर के उस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की गई है, जिसमें फ्रांस की कंपनी ‘दसॉल्ट’ से 36 लड़ाकू विमान खरीदने के केंद्र के राफेल सौदे को क्लीन चिट दी गई थी.

– सीजेआई रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के. एम. जोसफ की पीठ ने राजनीतिक रूप से संवेदनशील इस मामले पर 10 मई को सुनवाई पूरी की थी. पीठ ने कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा
– 14 दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने 58,000 करोड़ के इस समझौते में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जांच का मांग कर रही याचिकाओं को खारिज कर दिया था

2. चौकीदार चोर है’ टिप्पणी: राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना केस का फैसला
सुप्रीम कोर्ट राफेल मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ लंबित अवमानना मामले में आज फैसला सुनाएगा
– राफेल मामले में कोर्ट के 14 दिसंबर, 2018 के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका के समर्थन में चुनिंदा दस्तावेज की स्वीकार्यता पर केंद्र की प्रारंभिक आपत्तियां अस्वीकार करने के शीर्ष अदालत के फैसले के बाद 10 अप्रैल को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ये टिप्पणी की थी

– सीजेआई रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की पीठ ने राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना कार्यवाही के लिए लंबित इस मामले पर 10 मई को सुनवाई पूरी की थी. कोर्ट ने कहा था कि इस पर फैसला बाद में सुनाया जाएगा
– राहुल गांधी उस वक्त कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष थे और उन्होंने कोर्ट कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित अपनी टिप्पणी गलत तरीके से शीर्ष अदालत के हवाले से कहने पर वह पहले ही बिना शर्त माफी मांग चुके हैं

3. सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश का मामला
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ केरल में सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के शीर्ष न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार को लेकर याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाएगी.
– सुप्रीम कोर्ट द्वारा सबरीमला मंदिर में सभी आयुवर्ग की महिलाओं के प्रवेश की इजाजत के अपने फैसले की समीक्षा के मामले में गुरुवार को फैसला सुनाए जाने से पूर्व केरल में राजनीतिक दलों, दक्षिणपंथी संगठनों और श्रद्धालुओं की धड़कनें तेज हो गई हैं.