नई दिल्ली: आधार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भाजपा और कांग्रेस ने बुधवार को खुद के पक्ष में बताने की कोशिश की. विपक्षी पार्टी ने इसे ‘भाजपा के मुंह पर तमाचा’ करार दिया तो सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि ‘‘गरीबों की हितैषी मोदी सरकार’’ की बड़ी जीत हुई है.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आधार को लेकर राहुल गांधी के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘हां, कांग्रेस आज उसी तरह से जीत गई, जैसे कि उसने 2014 का लोकसभा चुनाव जीता था.’’ इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि आधार पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनकी पार्टी के नजरिए का समर्थन करता है.

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि इस आदेश ने वास्तव में विपक्षी पार्टी का पर्दाफाश कर दिया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बिचौलियों का पक्ष लिया जबकि मोदी सरकार ने आधार लाकर यह सुनिश्चित किया कि लोगों को सीधे लाभ प्राप्त हो. पात्रा ने कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ शीर्ष अदालत गई थी. अदालत ने स्पष्ट किया है कि आधार सुरक्षित है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हम इसमें मोदी सरकार की बड़ी जीत देखते हैं, गरीबोन्मुखी मोदी सरकार की बड़ी जीत देखते हैं.’’

नीतीश के राज में देसी कट्टा हुआ पुराना, अब किराए पर मिलती है एके-47

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के ‘आधार’ निर्णय ने कांग्रेस पार्टी द्वारा उठाए सवालों पर नागरिकों के ‘निजता के अधिकार’ को स्वीकार किया. न्यायालय ने मोदी सरकार की निजता का ‘गला घोंटू’ धारा 57 को ख़ारिज किया. अब सरकार आधार को बैंक खातों, मोबाइल फ़ोन, स्कूल आदि से नहीं जोड़ सकेगी.’ कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, “यह भाजपा के मुंह पर तमाचा है. न्यायमूर्ति सीकरी के फैसले ने आधार अधिनियम की धारा 57 को निरस्त कर दिया और कहा कि यह असंवैधानिक है. बायोमैट्रिक डेटा का व्यावसायिक उपयोग करने की योजना विफल हुई.”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, डिजिटल इकोनॉमी का प्रतीक बन गया है आधार

तृणमूल कांग्रेस ने एक ट्वीट में कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने आधार अधिनियम, 2016 की धारा 57 को निरस्त कर दिया. इसलिए अब आपको निजी इकाइयों, जैसे – बैंक, स्कूल, मोबाइल कंपनी को आधार देने की जरूरत नहीं है. तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी ने इसके लिए काफी संघर्ष किया था.’

आधार पर कांग्रेस उसी तरह जीती, जैसे 2014 चुनाव जीता था: अमित शाह

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसले में केन्द्र की महत्वाकांक्षी योजना आधार को संवैधानिक रूप से वैध करार दिया. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि आधार का लक्ष्य कल्याणकारी योजनाओं के लाभ को समाज के वंचित तबके तक पहुंचाना है और वह ना सिर्फ व्यक्तिगत बल्कि समुदाय के दृष्टिकोण से भी लोगों के सम्मान का ख्याल रखती है.

IT रिटर्न से लेकर बैंक अकाउंट-मोबाइल सिम तक, Aadhaar पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 15 बड़ी बातें

इस निर्णय के अनुसार, आधार कार्ड/नंबर को बैंक खाते से लिंक/जोड़ना अनिवार्य नहीं है. इसी तरह टेलीकॉम सेवा प्रदाता उपभोक्ताओं को अपने फोन से आधार नंबर को लिंक कराने के लिये नहीं कह सकते. पीठ ने कहा कि आयकर रिटर्न भरने और पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार अनिवार्य है.