School College Reopening: कोरोनावायरस महामारी की वजह से 2020 में कोरोबार के साथ साथ शिक्षा क्षेत्र को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. देश के लाखों बच्चों और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों का काफी नुकसान हुआ. मार्च से पूरे देश में स्कूल-कॉलेज (School-College Opening Date) बंद है तो कई जगहों पर तो कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते वार्षिक परीक्षाएं भी पूरी नहीं हो पाई. अमूमन हर साल अप्रैल से सेशन शुरू हो जाता था लेकिन इस बार ऐसा नहीं है और अभी तक यह भी पूरी तरह से कंफर्म नहीं है कि आखिर यह कब खत्म होगा और फिर से स्कूल खुलेंगे. Also Read - Corona Warriors: 50 साल की नर्स मुमताज बेगम किडनी की मरीज, हुआ था कोरोना, ठीक हो फिर काम पर लौटीं...

अब फिर से देश में स्कूल और कॉलेज को खोलने के लिए सरकार ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है. फिलहाल सरकार जल्दबाजी में कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाना चाहती जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकार हो. कोरोना वायरस के हालात और इससे निपटने की तैयारियां और खासकर बच्चों को इससे बचाने के सभी उपायों को सुचारु रूप से लागू करने के बाद ही सरकार स्कूल को फिर से खोलने की दिशा में कोई कदम बढ़ाएगी. Also Read - बिहार चुनाव पर संजय राउत का सवाल, क्या अब कोरोना वायरस की महमारी समाप्त हो गई?

कुछ रिपोर्ट्स की मानें तो केंद्र सरकार अब धीरे धीरे दोबारा स्कूल कॉलेज खोलने की तरफ बढ़ रही है. केंद्र सरकार ने इस बारे में सलाह मांगी है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस बारे में राज्यों और केंद्र शासित राज्यों से एक संभावित अवधि के बारे में निर्णय देने को कहा है और साथ ही यह भी निर्देश दिए हैं कि स्कूल कॉलेज खोलने से पहले अभिभावकों की राय भी ली जाए. Also Read - Covid 19 Update: देश में संक्रमितों की संख्या पहुंची 58 लाख के पार, 92 हजार से अधिक लोगों की मौत

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा भेजे गए एक परिपत्र में कहा है कि स्कूलों के शिक्षकों और अभिभावकों से अपेक्षा की जाती है कि वे कब और कैसे फिर से पढ़ाई करें. मंत्रालय ने 20 जुलाई यानि आज तक प्रतिक्रिया देने की बात कही है.

आपको बता दें कि कोविड 19 के चलते मार्च से स्कूल बंद हैं. COVID-19 संकट के कारण सरकार ने जुलाई के पहले सप्ताह में, कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल के सिलेबस को 30 प्रतिशत तक घटाने का फैसला किया है. एचआरडी मंत्रालय ने कहा कि मुख्य महामारी के कारण स्कूल कॉलेज का बहुत समय बर्बाद हुआ है और ऐसे समय मे बच्चों पर अधिक लोड नहीं डाला जा सकता इसलिए सेलेबस कम करना उचित कदम है.

अब देखना होगा कि आखिर कब से दोबार बच्चे अपना बैग लेकर सुरक्षित तरीके से स्कूल और कॉलेज जा सकते हैं. हो सकता है कि सरकार अब जल्द ही इस बारे में कोई एक कारगर कदम उठाए जिससे शिक्षा और अधिक प्रभावित न हो.