उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य में स्कूल शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए एक नयाब प्रयोग किया है. पहली नजर में ये आपको बचकाना लग सकता है लेकिन तकनीक की इस दुनिया में इसे अनोखा विचार कहा जा सकता है. दरअसल, राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए राज्य सरकार ने स्कूल के सभी शिक्षकों से रोज ग्रुप सेल्फी भेजने को कहा है. सरकारी स्कूल से शिक्षकों का गायब रहना या समय से ड्यूटी नहीं करना एक बड़ी समस्या है. इस पहल की शुरुआत राज्य के बराबंकी जिले में हुई है. जिला शिक्षा विभाग ने करीब 7500 शिक्षकों से कहा है कि वे स्कूल शुरू होने से पहले क्लास में एक ग्रुप सेल्फी लें और उसे बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजें. अगर वे ऐसा करने में विफल रहते हैं तो उनको एक दिन के वेतन से हाथ धोना पड़ेगा. इस सेल्फी को भेजने का समय सुबह 8 बजे हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जिला प्रशासन की पहल से शिक्षक परेशान हैं. वे स्लो इंटरनेट या फिर अन्य कई दिक्कत बता रहे हैं. राम नगर प्राथमिक स्कूल के एक टीचर ने कहा कि जिला प्रशासन यह स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि मोबाइल इंटरनेट भी धोखा दे सकता है. नेट की स्पीड काफी कम होती है. कभी-कभी तो सेल्फी भी पोस्ट नहीं हो पाती है. इसका नतीजा यह है कि हमें एक दिन का वेतन गंवाना पड़ता है.

राज्य शिक्षा अधिकारी पी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ और बेसिक शिक्षा मंत्री के निर्देश पर सेल्फी प्राप्त करने और उसका सत्यापन करने की पूरी प्रक्रिया ऑटोमेटिक है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों से कहा गया है कि यदि वे 8 बजे तक अपनी सेल्फी पोस्ट नहीं करते हैं तो उन्हें एक दिन के वेतन से हाथ धोना पड़ेगा. एक अन्य टीचर ने कहा कि उनका टैंपो जाम में फंस गया था और वह समय से स्कूल नहीं पहुंच पाए. इस कारण उनको एक दिन के वेतन से हाथ धोना पड़ा. पिछले दो माह से इस सिस्टम को लागू किया गया है. इसके बाद से अब तक 700 शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटा जा चुका है.