School Reopening Latest News 2021: कोरोना के दो वैक्सीन की आपात इस्तेमाल की मंजूरी के बाद पिछले साल में कई राज्यों में बंद पड़े स्कूलों के खुलने की अब नई उम्मीद जग गई है. स्कूल पूरे देश में कब से खुलेंगे, यह कह पाना अभी थोड़ा मुश्किल है वहीं, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालयों को 15 जनवरी के बाद खोलने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है. इसके लिए अभिभावकों और शिक्षकों के साथ चर्चा शुरू कर दी गई है. ऐसे में यदि सभी का रुख सकारात्मक रहा तो पिछले नौ महीनों से बंद पड़े स्कूलों में जल्द ही फिर चहल-पहल देखने को मिलेगी.Also Read - 'सर हमें लड़कियां परेशान करती हैं, इन अजीब नामों से पुकारती हैं', उत्तर प्रदेश के इस स्कूल में लड़कों ने प्रिंसिपल को लिखी चिट्ठी

15 जनवरी से खुल सकते हैं केंद्रीय विद्यालय-नवोदय विद्यालय Also Read - KVS Class 1 Admissions 2022: केंद्रीय विद्यालय कक्षा 1 की दूसरी मेरिट लिस्‍ट जारी, जल्‍द जारी होगी तीसरी सूची

केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय को खोलने की जो योजना बनाई गई है, उसके अनुसार 15 जनवरी के बाद नौवीं से 12वीं तक के छात्रों को अलग-अलग दिनों पर बुलाया जा सकता है. सबसे ज्यादा फोकस नौवीं और 12वीं के छात्रों पर रखा जाएगा. चार मई से बोर्ड की परीक्षाएं और उससे पहले एक मार्च से प्रैक्टिकल की परीक्षाएं भी होनी हैं. Also Read - अगर आपको भी है अपने नन्हे-मुन्ने मासूम को स्कूल भेजने की जल्दी, जान लें सुप्रीम कोर्ट की ये अहम टिप्पणी

प्री बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों का प्रदर्शन ठीक नहीं था

वैसे तो बोर्ड की परीक्षाएं देने वाले छात्रों की पढ़ाई पूरे समय आनलाइन जारी रखी गई, लेकिन छात्र इनमें अपना बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे. स्कूल संगठनों ने जब आनलाइन प्री-बोर्ड की परीक्षाएं कराईं तो इसकी जानकारी मिली है. इस परीक्षा में छात्रों के विषयवार प्रदर्शन को जांचा गया. सूत्रों के मुताबिक इसके बाद ही बोर्ड परीक्षाओं को चार मई तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है. साथ ही बोर्ड परीक्षाओं से पहले बेहतर प्रदर्शन न कर पाने वाले छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित करना जरूरी बताया गया है.

वैक्सीन आने के बाद स्कूलों को खोलने की हो रही तैयारी

बता दें कि कोरोना संकट के बीच स्कूलों को खोलने की योजना पहले भी कई बार बनाई जा चुकी है और इस दौरान शिक्षकों, अभिभावकों के साथ राज्यों की भी राय ली गई थी. लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए ज्यादातर अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजने से अपनी असहमति जाहिर कर दी थी. जिसके बाद स्कूल संगठनों को भी अपने फैसले को वापस लेना पड़ा था. हालांकि कोरोना वैक्सीन की मंजूरी के बाद एक बार फिर से स्कूल खोलने की योजना पर काम हो रहा है.