Schools Reopening Latest Updates: देश में जारी कोरोना संकट (Coronavirus) के बीच केंद्र सरकार ने Unlock 5.0 की गाइडलाइंस के साथ सभी राज्यों को 15 अक्‍टूबर से स्‍कूल-कॉलेज खोलने का आदेश (School College Reopening News) दिया था. हालांकि केंद्र ने यह आदेश लागू करने का अध‍िकार राज्यों पर छोड़ दिया था. इसके बाद बिहार, उत्तर प्रदेश, समेत कई राज्यों ने SOP के हिसाब से स्कूल खोलने की तैयारी कर ली है, हालांकि दिल्ली, गोवा, कर्नाटक समेत कुछ राज्यों में स्कूल अब भी बंद रखे जाएंगे और ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाई हो सकेगी. उधर, गुजरात (Gujarat) सरकार ने भी स्कूलों को दिवाली तक बंद रखने का फैसला लिया है. राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि स्कूलों को खोलने का फैसला दिवाली के बाद लिया जा सकता है. Also Read - Lockdown Extension News: देश के इस राज्य में 30 नवंबर तक Lockdown, स्कूलों को लेकर हुआ यह फैसला

राज्य के शिक्षा विभाग के सचिव विनोद राव ने कहा कि स्कूलों को फिर से खोलने की कोई तत्काल योजना नहीं है. राव ने कहा, ‘हम ऐसा तुरंत नहीं कर रहे हैं. हम दीपावली (छुट्टी) के बाद स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार करेंगे. उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग इस मुद्दे पर अभिभावकों और स्कूल संघों के प्रतिनिधियों के संपर्क में है. बता दें कि इस साल दिवाली 14 नवंबर को मनाई जाएगी. Also Read - Unlock 6.0: सात महीने बाद भी पूरी तरह से नहीं मिलेगी राहत, जानें स्कूल से लेकर मॉल तक क्या खुलेगा क्या रहेगा बंद

केंद्र की तरफ से जारी नई SOP के अनुसार, 15 अक्टूबर से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्कूलों को फिर से खोलने के बारे में निर्णय लेने की अनुमति दी गई है. उधर, गुजरात के स्व-वित्तपोषित विद्यालय प्रबंधन संघ के उपाध्यक्ष जतिन भारद ने कहा कि ’15 अक्टूबर से स्कूलों को फिर से खोलने के लिए केंद्र की गाइडलाइन को गुजरात में लागू नहीं किया जा सकता है. ऐसा कोरोना वायरस की स्थिति को देखते हुए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भले ही सरकार स्कूल कक्षाओं को फिर से शुरू करने के लिए सहमत हों लेकिन माता-पिता इसके लिए अभी तैयार नहीं हैं. Also Read - School Reopening News: क्या दिल्ली में नवंबर से खुल रहे हैं सभी स्कूल? जानिये मनीष सिसोदिया ने क्या दिया अपडेट

भारद ने कहा, ‘अगर माता-पिता जिम्मेदारी नहीं लेते हैं, तो स्कूल ऐसा नहीं करने जा रहा है, क्योंकि उन्हें सैकड़ों छात्रों का प्रबंधन करना होगा. यहां तक कि एक संक्रमित छात्र उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को खतरे में डाल सकता है.’ अगर अक्टूबर में स्थिति में सुधार होता है, तो दिवाली के बाद नवंबर की दूसरी छमाही में स्कूलों को फिर से खोलने की उम्मीद की जा सकती है.

उधर, गोवा में भी स्कूलों को खोलने का निर्णय शिक्षकों समेत सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद ही लिया जाएगा. मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (Pramod Sawant) ने कहा कि गोवा सरकार स्कूलों को खोलने (School Reopening) के बारे में फैसला शिक्षकों समेत सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद ही लेगी. शिक्षक संघ फिलहाल व्यक्तिगत उपस्थिति वाली कक्षाएं शुरू करने के पक्ष में नहीं हैं. उन्हें आशंका है कि स्कूलों में भौतिक दूरी कायम करना असंभव होगा. सीएम सावंत ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि है.

(इनपुट: एजेंसी)