नई दिल्ली: ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद अब सिंधिया खानदान में खुशी की लहर है. भाजपा नेता और ज्योतिरादित्य की बुआ और शिवराज सरकार में मंत्री रह चुकीं यशोधरा राजे ने इसे साहसिक कदम बताया है. शिवपुरी से भाजपा विधायक यशोधरा राजे ने सिंधिया के इस्तीफे पर ट्वीट किया, “राजमाता के रक्त ने लिया राष्ट्रहित में फैसला साथ चलेंगे, नया देश गढ़ेंगे, अब मिट गया हर फासला (ज्योतिरादित्य) सिंधिया द्वारा कांग्रेस छोड़ने के साहसिक कदम का मैं आत्मीय स्वागत करती हूं.” Also Read - कांग्रेस ने सामूहिक पलायन पर सरकार से पूछे सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी ज्योतिरादित्य की बुआ हैं वसुंधरा, यशोधरा और माधवराव सिंधिया की मां राजमाता विजया राजे सिंधिया जनसंघ की नेता थीं. मध्य प्रदेश में जनसंघ और भाजपा को स्थापित करने में विजयाराजे सिंधिया का अहम योगदान रहा है. Also Read - केजरीवाल ने लोगों को गीता पाठ करने की दी सलाह, कहा- गीता के 18 अध्याय की तरह लॉकडाउन के बचे हैं 18 दिन 

माधवराव सिंधिया की जयंती पर मंगलवार को यशोधरा राजे ने ट्वीट किया, “बड़े भाई श्रीमंत माधवराव सिंधिया की जयंती पर नमन दादा जनसेवा के पथ पर निस्वार्थ भाव से आगे बढ़ने की प्रेरणा हमेशा आपसे मिली है मैं जानती हूं. आपका स्नेह-आशीर्वाद आज भी मुझे इस कठिन सेवा मार्ग पर आगे बढ़ा रहा है.” Also Read - यूपी: रायबरेली में सोनिया गांधी के 'लापता' होने के लगे पोस्टर, संसदीय क्षेत्र से बाहर होने पर उठे सवाल

इस्तीफे में छलका ज्योतिरादित्य सिंधिया का दर्द, लिखा- 1 साल से थी ऐसी स्थिति, कांग्रेस में रहकर देश सेवा नहीं कर पा रहा था

मध्य प्रदेश में सियासी उफान पूरे चरम पर है. कांग्रेस के अहम नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इस बीच कांग्रेस (Cogress) ने उन्हें पार्टी से बर्खास्त कर दिया. इस्तीफे के बाद बर्खास्तगी का बहुत अधिक महत्व नहीं रह गया. ज्योतिरादित्य सिंधिया किसी भी समय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं. सिंधिया ने इस्तीफे से पहले पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाक़ात की. सिंधिया में बीजेपी राज्यसभा भेज सकती है. उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया जा सकता है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया किसी भी समय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं. सिंधिया ने इस्तीफे से पहले पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाक़ात की. सिंधिया में बीजेपी राज्यसभा भेज सकती है. उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया जा सकता है.