नई दिल्ली/ सेंट जोंस: एंटीगुआ ने भारत के भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की नागरिकता जांच मामले में दावा किया है कि भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ कोई विपरीत रिपोर्ट नहीं दी थी. इस दावे का खंडन करते हुए सेबी ने कहा कि हमने कोई क्लीयरेंस नहीं दी थी. वहीं, कांग्रेस ने केंद्र की सत्तारूढ़ एनडीए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए हैं. सेबी ने शुक्रवार को एंटीगुआ के दावे को खारिज किया है. सेबी ने कहा है कि एंटीगुआ से चोकसी के संबंध में न तो कोई आवेदन मिला था और न ही हमने ऐसी कोई सूचना दी थी. सेबी ने दूसरे भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी के मामले में क्लीयरेंस रिपोर्ट दी थी.

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बता दें कि चोकसी पंजाब नेशनल बैंक में 13 हजार, 500 करोड़ रुपए के घोटाले के मास्टरमाइंड में से एक है. वह भगोड़ा डॉयमंड बिजनेसमैन नीरव मोदी का रिश्तेदार है. चोकसी इस साल 4 जनवरी को भारत से भाग गया था और उसने 15 जनवरी को एंटीगुआ में शरण ली थी. जबकि नवंबर 2017 में उसे एंटीगुआ की नागरिकता मिल चुकी थी.

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चोकसी को बचा रही मोदी सरकार : कांग्रेस
मेहुल चोकसी के बारे में एंटीगुआ के अधिकारियों के नए खुलासे पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र की मोदी सरकार पर सवाल उठाए हैं. सुरजेवाला ने कहा, “लूटो और भाग जाओ मोदी सरकार की प्रमुख नीति है. एंटीगुआ से मिल रही रिपोर्टों से पता चलता है कि मोदी सरकार ने इस बड़े घोटाले में किस तरह से काम किया है.’ कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पीएमओ ने 7 मई और 26 मई 2015 को चोकसी के खिलाफ मिली शिकायतों पर एजेंसियों को जांच के लिए क्यों नहीं कहा. जांच लंबित रहने के बीच चोकसी को एजेंसियों से हरी झंडी कैसे दे दी गई.

मेहुल चोकसी पर भारतीय एजेंसियों ने नहीं दी जानकारी
– एंटीगुआ ने भारत के भगोड़ा हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की नागरिकता जांच मामले में दावा किया है कि भारतीय एजेंसियों ने उसके खिलाफ कोई विपरीत रिपोर्ट नहीं दी थी.
– एंटीगुआ मीडिया की रिपोर्ट का दावा, भारतीय एजेंसियों ने एंटीगुआ को बताया कि जब कैरेबियाई देश ने 2017 में मेहुल चोकसी को नागरिकता देने से पहले उसकी पृष्ठभूमि की जांच की थी
– मेहुल चोकसी को नागरिकता की जांच के दौरान उसके खिलाफ कोई मामला नहीं था.
-‘सिटीजनशिप बाई इन्वेस्टमेंट यूनिट ऑफ एंटीगुआ एंड बारबूडा’(सीआईयू) ने बयान जारी किया है
– सीआईयू) के बयान के मुताबिक, मई 2017 में एंटीगुआ में नागरिकता के लिए चोकसी के एप्लिकेशन के साथ स्थानीय पुलिस से मंजूरी भी दी गई थी
– सीआईयू ने कहा है, “भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय मुंबई से मिले पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट मिला
– पुलिस क्लीयरेंस के मुताबिक मेहुल चोकसी के खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं है, जो उन्हें एंटीगुआ और बारबूडा के लिए वीसा समेत यात्रा सुविधाएं देने के अयोग्य ठहराता हो.’
– सीआईयू ने इस रिपोर्ट के लिए सेबी से क्लीयरेंस मिलने का दावा किया है.
– जांच में एंटीगुआ प्रशासन को 2014 और 2017 में चोकसी की कंपनियों के खिलाफ सेबी की कार्रवाई के दो मामलों के बारे में पता चला और उसने उनसे और जानकारी मांगी थी
– सेबी ने कैरिबियाई प्रशासन को बताया था कि एक मामला बंद कर दिया गया है और दूसरे मामले में पर्याप्त सबूत नहीं थे.

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