अमेरिका से निर्वासित 115 से ज्यादा भारतीयों का दूसरा जत्था लौटा, क्या सच में बांधी थी महिलाओं और बच्चों को बेड़ियां ?

भारत सरकार राजनयिक माध्यमों से ऐसे निर्वासन से प्रभावित अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए काम कर रही है.

Published date india.com Published: February 17, 2025 11:02 AM IST
पंजाब एयरपोर्ट के बाहर इंतजार करते परिवार वाले
पंजाब एयरपोर्ट के बाहर इंतजार करते परिवार वाले

पंजाब के अमृतसर में उतरे दूसरे अमेरिकी सैन्य विमान से आए निर्वासितों में शामिल महिलाओं और बच्चों को उड़ान के दौरान बेड़ियों में बांधा नहीं गया था. सूत्रों ने ये जानकारी रविवार को दी. यह बयान उस विवाद के बीच आया, जो अमेरिका से निर्वासित पहले बैच के साथ ‘गलत व्यवहार’ किए जाने के आरोपों को लेकर उठा था. महिलाओं और बच्चों समेत 115 से ज्यादा अवैध भारतीय अप्रवासियों को लेकर सी-17 विमान शनिवार देर रात अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा. निर्वासितों में शामिल कुछ पुरुषों ने दावा किया कि यात्रा के दौरान उन्हें बेड़ियों में जकड़ा गया था. यह अवैध अप्रवासियों का दूसरा बैच था.

भारत के इन राज्यों से हैं निर्वासित लोग

सूत्रों ने बताया, “शनिवार को अमृतसर पहुंचे विमान में “उड़ान के दौरान महिलाओं और बच्चों को बेड़ियों में नहीं बांधा गया.” इनमें प्रमुख तौर पर पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान के मूल निवासी हैं. वहीं हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के एक-एक व्यक्ति भी इसमें शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका से अवैध प्रवासियों का दूसरा बैच शनिवार रात एक विशेष विमान से अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, जिसमें 67 पंजाबी शामिल थे.

पंजाब के 67 प्रवासी

इससे पहले, 5 फरवरी को 104 निर्वासितों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर में उतरा था. अधिकारियों ने बताया कि पंजाब के 67 प्रवासियों के अलावा शनिवार की उड़ान में हरियाणा के 33, गुजरात के 8, उत्तर प्रदेश के 3, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान के दो-दो तथा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर का एक-एक व्यक्ति सवार था. यह ट्रंप सरकार की कार्रवाई के तहत निर्वासित किए गए भारतीयों का दूसरा जत्था था.

इन व्यक्तियों का निर्वासन अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों द्वारा उन लोगों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है, जो या तो अवैध रूप से देश में प्रवेश कर गए थे या अपने वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रुके हुए थे.

भारत सरकार राजनयिक माध्यमों से ऐसे निर्वासन से प्रभावित अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए काम कर रही है. चल रही कार्रवाई के साथ, अमेरिका और भारत दोनों ही आव्रजन चुनौतियों को संबोधित करने के लिए कदम उठा रहे हैं, साथ ही यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनके संबंधित कानून बरकरार रहें.

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