नई दिल्ली : दिल्ली के आर्चबिशप अनिल क्यूटो की टिपण्णी के चलते उपजे विवाद का केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने पुरजोर विरोध किया है. क्यूटो ने कहा था कि देश के अशांत राजनीतिक माहौल ने भारत के संवैधानिक सिद्धांतों और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के समक्ष खतरा पैदा किया है. दिल्ली के आर्चबिशप की हालिया टिप्पणी को लेकर खड़े हुए राजनीतिक बवाल के बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने गुरूवार को कहा कि धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक सौहार्द और सहिष्णुता भारत के डीएनए में है. अल्पसंख्यकों को भारत में दुनिया के किसी भी देश की तुलना में ज्यादा संवैधानिक एवं धार्मिक सुरक्षा प्राप्त है. Also Read - निजामुद्दीन मरकज से आंध्र प्रदेश लौटे सभी 43 लोग COVID19 से संक्रमित मिले

सकारात्मक माहौल को बिगाड़ा जा रहा है
ईसाई समुदाय से जुड़े संगठन ‘डायोसिस ऑफ डेल्ही-चर्च ऑफ नार्थ इंडिया’ के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद नकवी ने कहा, कि पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार बिना किसी भेदभाव के “सबका साथ, सबका विकास” और “सम्मान के साथ सशक्तिकरण” के संकल्प को पूरा करने के लिए ईमानदारी के साथ काम कर रही है. केन्द्रीय मंत्री नकवी ने कहा वर्तमान बीजेपी सरकार सभी संवैधानिक संस्थाओं, लोकतान्त्रिक मूल्यों, धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा हमें उन ताकतों से होशियार रहना होगा जो राजनीतिक पूर्वाग्रह एवं निहित स्वार्थ के लिए प्रगति एवं विकास के सकारात्मक माहौल को खराब करना चाहती हैं. Also Read - कोरोनावायरस दिल्ली कांडः तब्लीग जमात में गए 36 लोगों की भोपाल में शुरू हुई तलाश

भारत में अल्पसंख्यक सर्वाधिक सुरक्षित
केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक सौहार्द और सहिष्णुता भारत के डीएनए में है. उन्होंने कहा अल्पसंख्यकों को भारत में दुनिया के किसी भी देश की तुलना में ज्यादा संवैधानिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक सुरक्षा प्राप्त है. केन्द्रीय मंत्री नकवी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब दिल्ली के आर्चबिशप अनिल क्यूटो की एक हालिया टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बवाल उठ खड़ा हुआ है. क्यूटो ने 12 मई को कर्नाटक विधानसभा चुनावों से कुछ दिन पहले दिल्ली में अपने अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले सभी चर्चों के पादरियों और धार्मिक संस्थानों को एक पत्र लिखा था तथा 2019 के आम चुनावों के मद्देनजर ‘‘प्रार्थना अभियान’’ चलाने की अपील की. Also Read - 10 लाख लोगों को मुफ्त भोजन कराएगी दिल्ली सरकार, बुधवार से नियम लागू

आर्चबिशप अनिल क्यूटो ने कहा था कि देश में अशांत राजनीतिक माहौल ने भारत के संवैधानिक सिद्धांतों और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के समक्ष खतरा पैदा किया है. मंत्रालय और ईसाई प्रतिनिधिमंडल के बीच मुलाकात में ईसाई समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण एवं रोजगारपरक कौशल विकास के विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा हुई. इस प्रतिनिधिमंडल को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक सशक्तिकरण, रोजगार परक कौशल विकास कार्यक्रमों, विभिन्न छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम आदि की जानकारी दी गई.
(इनपुट एजेंसी )