हिसारः जिले की एक सत्र अदालत हत्या के दो मामलों और अन्य अपराधों में दोषी ठहराए गए सतलोक आश्रम के स्वयंभू बाबा रामपाल और उसके 26 अनुयायियों को आज सजा सुनाएगी. अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया ने इन्हें गुरुवार को दोषी करार दिया था. इस मामले में हिसार जिला जेल के अंदर ही एक अस्थायी अदालत में लगभग चार वर्ष तक सुनवाई चली. सजा सुनाए जाने को देखते हुए हिसार सहित आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. 67 वर्षीय रामपाल और उसके अनुयायी नवम्बर, 2014 में गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद हैं.

रामपाल और उसके अनुयायियों के खिलाफ बरवाला पुलिस थाने में 19 नवम्बर, 2014 को दो मामले दर्ज किये गए थे. पहला मामला दिल्ली में बदरपुर के निकट मीठापुर के शिवपाल की शिकायत पर जबकि दूसरा मामला उत्तर प्रदेश में ललितपुर जिले के सुरेश ने दर्ज कराया था. दोनों ने रामपाल के आश्रम के अंदर अपनी पत्नियों की हत्या की शिकायत की थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि दोनों महिलाओं को कैद करके रखा गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई. हत्या के आरोपों के अलावा इन पर लोगों को गलत तरीके से बंधक बनाने का आरोप लगाया गया था.

पुलिस जब आश्रम के अंदर मौजूद रामपाल को गिरफ्तार करने जा रही थी तो उसके लगभग 15 हजार अनुयायियों ने 12 एकड़ जमीन में फैले आश्रम को घेर लिया था ताकि स्वयंभू बाबा की गिरफ्तारी नहीं हो सके. स्वयंभू बाबा के अनुयायियों की हिंसा के कारण छह लोगों की मौत हो गई थी.