Delhi violence: दिल्ली में  दंगा प्रभावित क्षेत्रों चांद बाग, जाफराबाद, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर में सुरक्षा बलों ने बुधवार को फ्लैग मार्च निकाला. दिल्ली में दंगों के कारण अब तक करीब 22 लोगों की मौत हो चुकी है. Also Read - Covid-19: निजामुद्दीन के मरकज में सैंकड़ों कोरोना संदिग्ध, दिल्ली सरकार ने दिया मौलाना पर FIR दर्ज करने का आदेश

इलाके में सोमवार से जारी छिटपुट हिंसा, भीड़ द्वारा दुकानों में लूटपाट करने और संपत्तियों में आग लगाए जाने के बाद आज दुकानें और स्कूल बंद रहीं और गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है.दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) एस. एन. श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनदीप सिंह रंधावा कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने भजनपुरा इलाके में थे. Also Read - Covid-19: बिना इजाजत के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए 200 लोग, कोरोना के लक्षण दिखने पर निजामुद्दीन इलाके की घेराबंदी

अधिकारियों ने दिन में बताया कि सोमवार से जारी हिंसा में 20 लोग मारे जा चुके हैं. हालांकि दोपहर बाद, जीटीबी अस्पताल ने मृतक संख्या बढ़कर 22 होने की जानकारी दी. Also Read - शाहीनबाग: फर्नीचर की दुकान में लगी आग, मौके पर पहुंचे दमकलकर्मी, कोई हताहत नहीं

चांद बाग इलाके में काफी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं और सुरक्षा बलों ने किसी को भी सड़क पर निकलने की अनुमति नहीं दी. कुछ गलियों को बंद कर दिया गया और निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए उन्हें बंद किया है.

खुफिया ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा का शव जिस इलाके में पाया गया, वहां सड़कों पर पत्थर और कांच के टुकड़े बिखरे हुए हैं, जिससे स्पष्ट है कि इलाके में भारी पथराव हुआ. अधिकारियों ने बताया कि पथराव के कारण शर्मा की मौत हुई होगी.

दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) एस. एन. श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त मनदीप सिंह रंधावा कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने भजनपुरा इलाके में थे.

डीएमआरसी ने कहा कि हिंसा को देखते हुए जिन मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए थे, उन्हें खोल दिया गया है. उन्होंने कहा कि सभी स्टेशनों पर सामान्य सेवाएं शुरू हो गई हैं.

उत्तर-पूर्व दिल्ली में रविवार से हो रही हिंसा के कारण जाफराबाद- मौजपुर और बाबरपुर में सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों को बंद कर दिया गया था.