बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार को सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में 10 नक्सलवादी मारे गए हैं. छत्तीसगढ़ के बीजापुर में गुरुवार को नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच सुबह 11 बजे हुई मुठभेड़ में 10 नक्सली मारे गए हैं. दोनों ओर से लगभग ढाई घंटे तक गोलीबारी केे बाद सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ स्थल से बड़ी संख्या में हथियार भी बरामद किए हैं. छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद राज्य की पुलिस ने मुठभेड़ में 10 नक्सलियों को मार गिराया है.

डीजीपी डीएम अवस्थी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जिले के भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत बोरगा गांव के निकट जंगल में हुई मुठभेड़ में 10 नक्सलियों को मार गिराया है. छत्तीसगढ़ में दिसंबर, 2018 में कांग्रेस की नेतृत्व वाली नई सरकार के गठन के बाद राज्य में यह पहली मुठभेड़ है, जिसमें बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं. राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि उनकी सरकार नक्सल क्षेत्रों के प्रभावितों से बात कर क्षेत्र में शांति का प्रयास करेगी.

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पुलिस को क्षेत्र में माओवादियों के डिविजनल कमेटी के सदस्य राजमन मंडावी और सुखलाल समेत लगभग 50 नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी. पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि नक्सली क्षेत्र में प्रशिक्षण शिविर चला रहे हैं. डीजीपी ने बताया कि सूचना के बाद क्षेत्र के लिए लगभग 200 की संख्या में स्पेशल टास्क फोर्स और डीआरजी के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया था. जब पुलिस दल बोरगा गांव के करीब पहुंचा तब नक्सलियों ने पुलिस दल पर गोलीबारी शुरू कर दी और बारूदी सुरंग में विस्फोट भी किया, जिसका पुलिस दल ने भी जवाब दिया. दोनों ओर से लगभग ढाई घंटे तक गोलीबारी के बाद जब घटनास्थल की तलाशी ली गई, तब वहां से 10 वर्दीधारी नक्सलियों के शव, 11 भरमार बंदूक और 315 बोर की एक रिवाल्वर बरामद की गई. पुलिस ने घटनास्थल से विस्फोटक और अन्य सामान भी बरामद किया है.

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यह एक सूचना आधारित अभियान था, जिसमें पुलिस को सफलता मिली है. पुलिस बल की सहायता के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल को क्षेत्र के लिए रवाना किया गया है और नक्सलियों के शवों को लाया जा रहा है. अभी तक मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान नहीं हो पाई है. जब सुरक्षा बल के जवान शवों को लेकर शिविर में पहुंचेंगे तब उनकी पहचान कराई जाएगी. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि बीजापुर पुलिस की यह बड़ी सफलता है. इस क्षेत्र में दो दिनों पहले भी तीन जिलों की पुलिस के द्वारा एक अभियान चलाया गया था लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली थी.

डीजीपी अवस्थी ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद की जड़े गहरी थी और उन क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है, जहां नक्सली प्रशिक्षण शिविर चलाते हैं. यह पुलिस खुफिया तंत्र की सफलता का अभियान है. पिछले तीन वर्ष में जितने भी बड़े अभियान चलाये गए हैं, वे सूचना के आधार पर ही चलाए गए हैं.