चेन्नई. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने कहा कि तूतीकोरिन में वेदांता समूह की इकाई स्टरलाइट इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ ‘‘ पुलिस कार्रवाई’’ में नौ प्रदर्शनकारी मारे गए हैं. इसके साथ ही उन्होंने घटना की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की. वहीं, कई अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन में अबतक 11 लोगों की मौत हो गई. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी क्षेत्र में निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर कलेक्ट्रेट की तरफ जुलूस निकाल रहे थे.

मंगलवार को हुई घटना के बाद इलाके में धारा 144 लागू कर दिया गया है. मौके पर भारी सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं. वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी से आए हुए हैं. सीएम खुद मामले पर नजर बनाए हुए हैं.

सीएम ने एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव ही नहीं किया, बल्कि उनके वाहनों तथा कलेक्ट्रेट में खड़े वाहनों को भी आग लगा दी. पलानीस्वामी के पास गृह मंत्रालय भी है. उन्होंने कहा , ‘‘पुलिस को लोगों के जानमाल की रक्षा के लिए अपरिहार्य परिस्थितियों में कार्रवाई करनी पड़ी क्योंकि प्रदर्शनकारी बार-बार हिंसा कर रहे थे. पुलिस को हिंसा रोकनी थी.’’

सीएम ने कहा, ‘‘मुझे यह जानकार दुख हुआ कि इस घटना में दुर्भाग्य से नौ लोग मारे गए.’’उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की. पलानीस्वामी ने कहा कि उन्होंने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के तहत एकल सदस्यीय आयोग के गठन की घोषणा की जो घटना की जांच करेगा. सीएम ने घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 3-3 लाख और मामूली रूप से घायल लोगों को 1-1 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की.

ॉसीएम ने घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से एक – एक व्यक्ति को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी देने का भी आश्वावसन दिया. उन्होंने तूतीकोरिन के जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वह घायलों का उचित उपचार सुनिश्चित करे. वेदांता समूह के स्वामित्व वाले संयंत्र को प्रदूषण संबंधी चिंताओं को लेकर बंद करने की मांग कर रहे लगभग पांच हजार लोग पुलिस से भिड़ गए तथा वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को आग लगा दी.