नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर गुरुवार को वरिष्ठ नागरिकों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में ही रहने की सलाह दी. साथ ही आम लोगों को आश्वस्त किया कि देश में संक्रमण समुदाय के स्तर पर नहीं पहुंचा है. Also Read - कोरोना के कारण मजदूरों का पलायन: कोर्ट ने तलब की रिपोर्ट, डर दहशत को बताया वायरस से भी बड़ी समस्या

मंत्रालय ने कहा, 65 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक सिवाय सार्वजनिक प्रतिनिधित्व/ सरकारी कर्मचारी/ चिकित्सा पेशेवर को सलाह दी जाती है कि उन्हें घर में ही रहना चाहिए. Also Read - Covid-19: निजामुद्दीन के मरकज में सैंकड़ों कोरोना संदिग्ध, दिल्ली सरकार ने दिया मौलाना पर FIR दर्ज करने का आदेश

मंत्रालय ने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल विभाग और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को कहा गया है कि वे उन सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें जो मास्क, सैनिटाइजर और अन्य स्वास्थ्य वस्तुओं के लिए अधिक कीमत वसूल रहे हैं. Also Read - COVID-19 से दुनिया में मौतों का आंकड़ा 34,610, संक्रमण के 7 लाख 27 हजार से ज्‍यादा केस

विमान इटली में फंसे छात्रों या भारतीय को लाने के लिए रोम जाएगा. विमान 22 मार्च को लौटेगा.”

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अबतक देश में सामुदायिक संक्रमण नहीं हुआ है और कोरोना वायरस से चौथी मौत पंजाब में हुई है जो बुजुर्ग थे और दिल की बीमारी और मधुमेह जैसी कई बीमारियों से ग्रस्त थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि गैर जरूरी यात्राओं को हतोत्साहित करने और सबसे अधिक खतरे का सामना कर रहे वरिष्ठ नागरिकों की गैर जरूरी यात्रा करने से रोकने के लिए मरीज, छात्र और दिव्यांग श्रेणी को छोड़कर सभी रियायती श्रेणियों में टिकट को 20 मार्च आधी रात से अगले परामर्श तक स्थगित कर दिया गया है.

विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव डी रवि ने कहा कि बुधवार को 201 भारतीयों को ईरान से भारत लाया गया. नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संयुक्त सचिव रुबिना अली ने कहा, ”21 मार्च को एअर इंडिया का

भारत ने गुरुवार को घोषणा की कि वह 22 मार्च से 29 मार्च के बीच किसी भी वाणिज्यिक यात्री विमान में भारत में उतरने नहीं देगा. सरकार ने हवाई यात्रा के लिए भी मरीज, छात्र और दिव्यांग श्रेणी को छोड़कर सभी श्रेणी की रियायती टिकट को स्थगित करने का फैसला किया है.

केंद्र सरकार ने राज्यों से अनुरोध किया है कि वह निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को घर से काम करने के नियम को लागू करे सिवाय जरूरी सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के.

केंद्र सरकार ने कार्यालयों में भीड़ को कम करने के लिए समूह बी और समूह सी श्रेणी के 50 प्रतिशत कर्मियों को हर दूसरे हफ्ते कार्यालय आने का निर्देश दिया है और कर्मचारियों के कार्यालय आने का समय भी अलग-अलग रखने को कहा है.