अलगववादी नेता सैयद अली गिलानी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और कश्मीर की अवाम के बीच सिर्फ एक ही रिश्ता है और यह वही रिश्ता है जैसा कब्जेदार और अधिकृत के बीच होता है। इससे पहले शुक्रवार को ही गिलानी द्वारा बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन को अधिकारियों ने रद्द कर दिया, जिसके बाद गिलानी एक वक्तव्य जारी कर कश्मीर वासियों से बंद जारी रखने के लिए कहा।

गिलानी ने अपने इस वक्तव्य में आरोप लगाया है, “सरकार ने कश्मीर की आजादी के समर्थक ऐसे नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, शीर्ष कारोबारियों, सरकारी अधिकारियों और पत्रकारों की एक सूची तैयार की है जो उसके षड्यंत्र में नहीं फंसे और जिनकी वह हत्या करना चाहती है।” यह भी पढ़ें: कश्मीर हिंसा: अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी गिरफ्तार, यासीन मलिक पहले से ही जेल में

गिलानी ने कहा, “यह बेहद गंभीर मसला है और हम कश्मीर पर कब्जा करने वालों और उनके पिट्ठुओं को चेतावनी देते हैं कि इस तरह की किसी वारदात के लिए उन्हें गंभीर प्रतिक्रिया झेलनी पड़ेगी..”

गिलानी ने संवाददाता सम्मेलन रद्द किए जाने पर कहा, “इससे हमारे दुश्मनों की झल्लाहट का पता चलता है, क्योंकि हम आजादी हासिल करने के काफी करीब हैं।” यह भी पढ़ें: कश्मीर हिंसा: अमेरिका ने पाकिस्तान को चेताया, कहा अपने गिरेबां में झांके, ये भारत का अपना मामला है।

उन्होंने कहा, “हमारे दुश्मनों की हार और हमारी अहम जीत संसद, उनकी सत्ता संस्थानों और उनकी तानाशाही मीडिया में उनकी झल्लाहट के रूप में देखी जा सकती है। कश्मीर में मौजूदा विरोध-प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान ने एकबार फिर साबित किया है कि वह हमारा मित्र और शुभचिंतक है।”