श्रीनगर: वरिष्ठ अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने सोमवार को एलान किया कि वह अलगाववादी मंच ‘ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस’ से अलग हो रहे हैं. प्रेस को एक बयान में गिलानी ने कहा कि वह ऑल पार्टी हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से खुद को पूरी तरह से दूर कर रहे हैं. Also Read - कोरोना मरीजों के इलाज में लगी ड्यूटी तो डॉक्टर दंपति ने दिया इस्तीफा, मिला 24 घंटे का अल्टीमेटम

बयान में कहा गया, “उन्होंने हुर्रियत सदस्यों को एक विस्तृत पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के भीतर वर्तमान हालात को देखते हुए, वह उससे खुद को पूरी तरह से अलग कर रहे है.” हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के सदस्यों को लिखे पत्र में गिलानी ने कहा है कि इसके बाद वह मंच के घटक सदस्यों के भविष्य के आचरण के बारे में किसी भी तरह से जवाबदेह नहीं होंगे. Also Read - विपक्ष ने दिल्ली हिंसा पर अमित शाह से की इस्तीफे की मांग, हंगामें के कारण दोनों सदन स्थगित

हुर्रियत कॉन्फ्रेंस का गठन 9 मार्च, 1993 को कश्मीर में अलगाववादी दलों के एकजुट राजनीतिक मंच के रूप में किया गया था. बता दें कि 90 साल के सैयल अली गिलानी कई सालों से नजरबंद है. इस बीच उनकी तबियत भी खराब होने की खबर सामने आई है. गौरतलब है कि 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर में धारा 370 को खत्म कर दिया गया था. तभी से यहां की राजनीति में लगातार उठा-पटक देखने को मिल रही है लेकिन अबतक के सियासत का यह सबसे बड़ा घटनाक्रम है.

(इनपुट-आईएएनएस)