श्रीनगर, 25 अप्रैल | कश्मीर घाटी में शनिवार को अलगाववादियों द्वारा आहूत बंद से जनजीवन प्रभावित हुआ है, लेकिन पुलिस का कहना है कि किसी भी स्थान पर कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है। अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी ने जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत अलगाववादी नेता मसरत आलम की हुई गिरफ्तारी के विरोध में बंद का आह्वान किया था।

इस दौरान घाटी में दुकानें और अन्य कारोबार बंद रहे, जबकि श्रीनगर और कश्मीर घाटी के अन्य प्रमुख शहरों में सार्वजनिक परिवहन नदारद रहे। सरकारी कार्यालयों, बैंकों और डाकघरों में सामान्य कामकाज हुआ। हालांकि सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध नहीं होने से कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या कम रही। बंद के बावजूद श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग और कश्मीर घाटी के पर्यटन स्थलों पर यातायात सामान्य रहा।

संवेदनशील क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि किसी भी स्थान पर कोई अप्रिय घटना नहीं घटी है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद सरकार ने अलगाववादी नेता मसरत आलम को सात मार्च को बारामूला जिले की एक जेल से रिहा कर दिया था। उसने श्रीनगर में अलगाववादियों की रैली का नेतृत्व किया था, जिसकी वजह से उसे इस सप्ताह के प्रारंभ में पीएसए के तहत निरुद्ध कियया गया और जम्मू में कोटबलवल जेल में कैद कर दिया गया था। आलम को देशद्रोह और देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने के आरोप लगाए गए हैं।

अलगाववादियों की उस रैली में शामिल युवकों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे लगाए थे और पाकिस्तानी झंडे फहराए थे। रैली गिलानी की घर वापसी पर उनके स्वागत में आयोजित की गई थी। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से जाड़े का पूरा मौसम दिल्ली में बिताया था।