पुणे: सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आदर पूनावाला ने शनिवार को कहा कि उनकी कंपनी ने कोविड-19 के एक और टीके का परीक्षण शुरू करने के लिए आवेदन किया है तथा संस्थान को जून 2021 तक इसके उत्पादन की उम्मीद है.Also Read - उपराष्ट्रपति M Venkaiah Naidu कोरोना वायरस से संक्रमित, खुद को किया क्वारंटीन

एसआईआई पहले ही ‘कोविडशील्ड’ टीके का उत्पादन कर रहा है जिसे ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और ब्रिटिश-स्वीडिश कंपनी एस्ट्राजेनका ने विकसित किया है. देश में अभी चल रहे टीकाकरण अभियान के लिए केंद्र ने ‘कोविडशील्ड’ टीके की एक करोड़ 10 लाख खुराक खरीदी हैं. Also Read - Delhi School: दिल्ली में जल्द ही खुल सकते हैं स्कूल? दिल्ली सरकार DDMA के समक्ष रखेगी प्रस्ताव

पूनावाला ने एक ट्वीट में कहा, “नोवावैक्स के साथ कोविड-19 टीके के लिए हमारी साझेदारी ने उत्कृष्ट प्रभावी नतीजे दिए हैं. हमने भारत में परीक्षण शुरू करने के लिए आवेदन किया है. जून 2021 तक ‘कोवोवैक्स’ का उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है.” Also Read - Omicron भारत में अब कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज में, कई महानगरों में हो गया है प्रभावी: INSACOG

देश भर में कोविड-19 के खिलाफ 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि इसमें करीब तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों तथा कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर काम करने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी. नया टीका कोवोवैक्स के ब्रांड नाम के तहत लॉन्च किया जाएगा, जिसे एसआईआई नोवावैक्स के साथ साझेदारी में बना रही है। पुणे स्थित वैश्विक वैक्सीन दिग्गज ने डीसीजीआई से नए उत्पाद के घरेलू परीक्षण शुरू करने की अनुमति मांगी है.

इसे ब्रिटेन में चल रहे एक शोध के शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर वायरस के नए स्ट्रेन के खिलाफ 89 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है. पिछले साल नोवावैक्स ने कोविड-19 वैक्सीन की दो अरब खुराक का उत्पादन करने के लिए एसआईआई के साथ अपने गठजोड़ की घोषणा की थी.

बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया इससे पहले ही कोविशील्ड वैक्सीन का उत्पादन कर रहा है, जिसे ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनका कंपनी ने विकसित किया है.

देशभर में कोविड-19 के खिलाफ 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था। करीब तीन करोड़ स्वास्थ्यकर्मियों और कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर काम करने वालों को शुरुआती टीकाकरण में प्राथमिकता दी जाएगी.