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सीरम इंस्टीट्यूट ने Covovax का निर्माण शुरू किया, जुलाई में बच्चों पर होगा ट्रायल

हाल ही में जारी चरण -3 टेस्टों में, कोवोवैक्स ने कोविड -19 के खिलाफ कुल मिलाकर 90 प्रतिशत प्रभावकारिता दिखाई है.

Published: June 26, 2021 8:51 PM IST

By India.com Hindi News Desk | Edited by Amit Kumar

Serum Institute of India (SII) chief Adar Poonwalla
Serum Institute of India (SII) chief Adar Poonwalla

Covovax पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने नोवावैक्स के प्रोटीन आधारित वैक्सीन कोवोवैक्स का निर्माण शुरू कर दिया है. कंपनी जुलाई से बच्चों के लिए नोवावैक्स का क्लीनिकल टेस्ट भी शुरू करेगी. उन्होंने शुक्रवार को एक ट्वीट कर लिखा, कोवोवैक्स (नोवावैक्स द्वारा विकसित) के पहले बैच को इस सप्ताह पुणे में हमारी सुविधा में निर्मित होते हुए देख उत्साहित हैं.

हाल ही में जारी चरण -3 टेस्टों में, कोवोवैक्स ने कोविड -19 के खिलाफ कुल मिलाकर 90 प्रतिशत प्रभावकारिता दिखाई है. यूएस-आधारित टेस्टों ने मध्यम और गंभीर बीमारी के खिलाफ दो-शॉट टीके को 100 प्रतिशत सुरक्षा का भी प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा, “टीके में 18 साल से कम उम्र की हमारी आने वाली पीढ़ियों की रक्षा करने की काफी क्षमता है. टेस्ट चल रहे हैं. शाबाश टीम.” मीडिया रिपोटरें में कहा गया है कि एसआईआई के चरण -2 और 3 क्लिीनिकल ट्रायल को कथित तौर पर 920 बच्चों, 12-17 वर्ष और 2-11 वर्ष के समूहों में प्रत्येक में 460 बच्चों में आयोजित किया जाएगा.

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अगस्त 2020 में, नोवावैक्स और एसआईआई ने एक समझौते की घोषणा की थी जिसके तहत अमेरिकी जैव प्रौद्योगिकी कंपनी ने एसआईआई को निम्न और मध्यम आय वाले देशों में वैक्सीन के निर्माण और आपूर्ति का लाइसेंस दिया था. मार्च 2021 में सीईओ पूनावाला ने कहा कि कोवोवैक्स को इस साल सितंबर तक लॉन्च किया जाएगा.

अदार पूनावाला ने कहा, “कोवोवैक्स का ट्रायल आखिरकार भारत में शुरू हो गया है, वैक्सीन नोवावैक्स और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ साझेदारी के जरिए बनाई गई है. सितंबर 2021 तक लॉन्च होने की उम्मीद है!” हाल ही में, केंद्र ने कहा कि एक बड़े ट्रायल में नोवावैक्स कोविड वैक्सीन प्रभावकारिता डेटा आशाजनक है और क्लिीनिकल ट्रायल किए जा रहे हैं और भारत में पूरा होने के एक उन्नत चरण में हैं.

डॉ वी.के. पॉल, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) ने इस महीने की शुरूआत में कहा था, “हम सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध डेटा से जो सीख रहे हैं वह यह है कि यह टीका बहुत सुरक्षित और अत्यधिक प्रभावी है.”

रेगूलेट्री की मंजूरी के बाद, नोवावैक्स तीसरी तिमाही के अंत तक प्रति माह 10 करोड़ खुराक की विनिर्माण क्षमता और 2021 की चौथी तिमाही के अंत तक 15 करोड़ खुराक प्रति माह तक पहुंचने की राह पर है.

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक के पास भी दो टीके हैं, जिन्हें बच्चों पर आजमाया जा रहा है, कोवैक्सिन और बीबीवी154, एक शॉट वाला नाक वाला टीका है. जायडूज ने भी 12-18 वर्ष की आयु के बच्चों पर टेस्ट शुरू कर दिया है.

सरकार भारत में अपने टीके लगाने के लिए फाइजर और मॉडर्ना को कानूनी क्षतिपूर्ति प्रदान करने पर भी विचार कर रही है. फाइजर ने घोषणा की है कि इसका टीका 12 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए सुरक्षित है.

(इनपुट आईएएनएस)

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