Coronavirus Cases in Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के सात नये मामले सामने आने के साथ इस संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़कर 50 हो गई है. स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान नोएडा में कोरोना वायरस संक्रमण के चार, गाजियाबाद में दो और आगरा में एक नया मामला सामने आया है. इसके साथ ही प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 50 हो गयी है. Also Read - मामूली घरेलू विवाद में पिता को आया इतना गुस्सा की तीन बेटियों को नदी के पास ले जाकर....! तलाश जारी

उन्होंने बताया कि इनमें नोएडा में 18, आगरा में 10, लखनऊ में आठ, गाजियाबाद में पांच, पीलीभीत में दो, बागपत, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, वाराणसी, कानपुर, जौनपुर और शामली का एक—एक मरीज शामिल है. प्रसाद ने बताया कि इनमें से 14 लोग पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं. इनमें आगरा के सात, नोएडा के चार, गाजियाबाद के दो तथा लखनऊ का एक व्यक्ति शामिल है. बाकी 35 का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है. सभी की हालत स्थिर है. Also Read - सऊदी अरब ने फिर से खोलीं 90 हजार मस्जिदें, मक्का अब भी बंद

प्रमुख सचिव ने प्रदेश में कोरोना वायरस के सामुदायिक प्रसार होने की बात से इनकार करते हुए कहा कि यह संक्रमण उन्हीं लोगों को हुआ है जो बाहर से आये हैं या उनके करीबी सम्पर्क में आये थे. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से उबरकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके लोगों को भी सावधानी बरतनी होगी और सामाजिक मेलजोल से दूरी और हाथ धोने का ख्याल रखना होगा. Also Read - उत्तराखंड कैबिनेट को क्‍वारंटाइन में भेजने की जरूरत नहीं: स्वास्थ्य सचिव

प्रसाद ने बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिये इस समय प्रदेश में आठ प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं. इसके अलावा झांसी प्रयागराज और लखनऊ में भी प्रयोगशाला खोलने की कार्यवाही शुरू की गयी है. प्रदेश में इस वक्त 4255 पृथक बिस्तर तैयार हैं. सरकारी क्षेत्र में हमारा प्रयास है कि हम 15 हजार बिस्तर उपलब्ध करायें.

प्रदेश के 75 जिलों में से अभी तक 12 जिलों में ही कोरोना पॉजिटिव मामले पाये गये हैं. अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में दवाएं और उपकरण उपलब्ध कराये जा रहे हैं. अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे चिकित्साकर्मियों के लिये आईसीएमआर की सिफारिश पर हाइड्रॉक्सिल क्लोरोफीन दवा मंगा ली गयी है. प्रसाद ने ताकीद की कि यह दवा आम जनता के लिये नहीं है. भारत सरकार ने इसे ‘शेड्यूल एक्स’ में ला दिया है और कोई दुकानदार बिना पर्चे के इसे नहीं बेच सकता.