नई दिल्ली: कोलकात के बड़ाबाजार में बाबा राम-रहीम की गुफा होने और इसमें अय्याशी का अड्डा चलने की खबर मिलने के बाद मौके पर भीड़ जुट गई. भीड़ ने वहां मौजूद लोगों को बाबा और उसके गुर्गे बता कर जमकर पीटा.

इस बात की सूचना मिलने के बाद पुलिस 8 नंबर शंभु मलिक लेन स्थित सिंघानिया हाउस पहुंची, जहां गुस्साए लोगों ने तथाकथित बाबा की गुफा को तहस-नहस कर दिया था. वहां एक कमरे से दूसरे कमरे में जाने के लिए सुरंग भी मिली. यहां 25 कोठरियां भी थीं. यह भी पढ़ें: पूर्व पति का दावा, राम रहीम की गुफा में हनीप्रीत गुजारती थी रातें, होता था बिग बॉस का खेल

कोठरी में तंत्र-मंत्र के सामान बिखरे पड़े थे. कमरे के बाहर बांबे फैशन प्राइवेट लिमिटेड का बोर्ड लगा हुआ था. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कंपनी के नाम पर अक्सर अखबारों में विज्ञापन देकर लड़के-लड़कियों को नौकरी देने के नाम पर बुलाया जाता था. लोग मकान मालिक प्रमोद सिंघानिया की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.

स्थानीय लोगों का दावा था कि उन्होंने 25 दिसंबर को इस मकान से आपत्तिजनक हालत में एक जोड़े को पकड़ा था. उन्हें पीटा भी गया था, लेकिन मौके का फायदा उठाते हुए दोनों भाग खड़े हुए थे. बाद में एक संस्था की ओर से बड़ाबाजार थाने में शिकायत भी की गई थी. शुक्रवार को अचानक खबर फैली की स्थानीय लोग वहां हंगामा कर रहे हैं और प्रमोद सिंघानिया को पकड़ लिया है, लेकिन मौके पर जब पुलिस पहुंची तो कोई नहीं मिला.

स्थानीय कुछ लोगों के मुताबिक सिंघानिया हाउस के मालिक प्रमोद सिंगानिया हैं. उनका इकलौता बेटा दुबई में शिफ्ट है. प्रमोद कोलकाता में ही अकेले रहते हैं. उनके पास फिलहाल उक्त बिल्डिंग में पांच से छह खाली कमरे हैं.

नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ  स्थानीय लोगों ने कहा कि यह सब मकान हथियाने का पैंतरा है. मकान मालिक को डराने-धमकाने के साथ पैसा ऐंठने और मकान बेचने के लिए मजबूर करने के लिए इस तरह की अफवाह फैलायी जा रही है. इस मामले में भी ऐसा ही हो सकता है.

मौके पर पहुंचे पुलिस के अधिकारी ने बताया कि अगर आरोप लगानेवालों के दावे में दम होता है तो वे लोग 25 दिसंबर की जिस घटना का जिक्र कर रहे हैं. उसके आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने के बाद पुलिस के हवाले किया होता.