तिरुवनंतपुर: केरल पुलिस की अपराध शाखा ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी और सांसद के.सी. वेणुगोपाल के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार का मामला दर्ज कर लिया है. इस मामले में सौर घोटाले में आरोपी सरिता एस नायर ने शिकायत दायर की थी. राज्य के पुलिस महानिदेशक लोकनाथ बेहरा ने इसकी पुष्टि की है.

डीजीपी ने बताया कि इन दोनों नेताओं के खिलाफ ये मामला नायर की शिकायत के आधार दर्ज किया गया है. उन्होंने तिरुवनंतपुर में मीडियाकर्मियों से कहा, ‘कानून अपना काम करेगा.” जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करके इसका नेतृत्व एसपी अब्दुल करीम को सौंपा गया है.

ये मामले राजनीति से प्रेरित
पूर्व सीएम चांडी ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ये मामले राजनीति से प्रेरित हैं और वे कानूनी रूप से इसका सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) का यह कदम लोगों का ध्यान सबरीमला मामले से हटाने के लिए उठाया गया है.

2012 में वेणुगोपाल ने किया था रेप
बता दें कि नायर ने अपनी शिकायत में कहा था कि चांडी ने उनका मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास में यौन उत्पीड़न किया था. उनका आरोप है कि साल 2012 में वेणुगोपाल ने रोज हाउस में उनका बलात्कार किया था. ये रोज हाउस राज्य के तत्कालीन मंत्री ए.पी. अनिल कुमार को आवंटित हुआ था.

शिकायतकर्ता महिला सोलर घोटोले में आरोपी
राज्य में इससे पहले की संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) सरकार ने मामले की जांच के लिए तब जी शिवराजन आयोग का गठन किया जब नायर और बीजू राधाकृष्णन के खिलाफ ये आरोप लगा कि उन्होंने सोलर पैनल को लेकर कई लोगों को चूना लगाया.

चांडी और स्‍टाफ पर धोखाधड़ी में मदद का लगा था आरोप
आयोग की 1037 पृष्ठों की रिपोर्ट को बीते साल 9 नवम्बर को विधानसभा के पटल पर रखा गया. इसके मुताबिक चांडी और उनके निजी स्टाफ में चार लोग टेनी जोप्पन, जिक्कूमोन जकन, गनमैन सलीमराज और कुरुविला ने नायर और उनकी कंपनी टीम सोलर की मदद की, जिसके कारण उन्होंने अपने ग्राहकों से धोखाधड़ी की.

पत्र में कई नेताओं के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार के आरोप
रिपोर्ट में नायर के लिखे उस विवादित पत्र का भी जिक्र है, जो पुलिस आयुक्त को 19 जुलाई, 2013 को लिखा गया. इसमें कांग्रेस और यूडीएफ के कई नेताओं के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे. इन नेताओें में चांडी, उनके दो मंत्रियों और दो पूर्व केंद्रीय मंत्रियों का नाम शामिल था. केरल हाईकोर्ट ने मई में सोलर आयोग के निष्कर्षों में नायर के पत्र के आधार पर चांडी को बाहर कर दिया था.