हैदराबाद: प्रतिष्ठित सिंबियोसिस लॉ स्कूल ने सहायक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप मामले में दोनों छात्राओं को अनुशासनहीनता के चलते संस्थान से निकाल दिया है. रजिस्ट्रार के मुताबिक, दोनों छात्राएं परिसर के प्रशासन, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार में भी संलिप्त थीं. सहायक प्रोफेसर को आरोपों के चलते पहले ही निलंबित किया जा चुका है.

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सिंबियोसिस लॉ स्कूल की हैदराबाद ब्रांच में तैनात सहायक प्रोफेसर पर दो छात्राओं ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. BA-LLB पाठ्यक्रम की दो छात्राओं की शिकायत पर संस्थान की अंतरिम शिकायत समिति के मुताबिक उन्होंने जांच होने तक आरोपी प्रोफेसर को 16 अक्टूबर को ही लंबित कर दिया था. बता दें कि दोनों छात्राओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी.

मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए लगाया आरोप
रजिस्ट्रार के मुताबिक इसी से जुड़े घटनाक्रम में ‘‘तथ्यों को तोड़-मरोड़कर’’ पेश करने और ‘‘इन दोनों छात्राओं द्वारा की गई अनुशासनहीनता के मुद्दे से ध्यान भटकाने’’ के प्रयास के आरोप में दोनों छात्राओं को परिसर खाली करने के लिए कहा गया है. सिंबियोसिस इंटरनेशनल के रजिस्ट्रार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘सिंबियोसिस लॉ स्कूल हैदराबाद की दोनों छात्राएं पिछले एक-दो वर्षों से लगातार अनुशासनहीनता में संलिप्त थीं जिससे संस्थान की छवि खराब हो रही थी, कक्षाएं, छात्रावास की जीवनचर्या आदि में बाधा आ रही थी.’’

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दुर्व्यवहार में भी संलिप्त
रजिस्ट्रार के मुताबिक, दोनों छात्राएं परिसर के प्रशासन, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार में भी संलिप्त थीं. रजिस्ट्रार ने कहा कि विस्तृत जांच के बाद दोनों छात्राओं को परिसर खाली करने के लिए कहा गया है. बयान में कहा गया है, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि इन दोनों छात्राओं के खिलाफ कार्रवाई का सहायक प्रोफेसर के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न की घटनाओं से कोई संबंध नहीं है. आंतरिक शिकायत समिति ने उनकी शिकायत का संज्ञान लिया है और सहायक प्रोफेसर को 16 अक्टूबर को निलंबित किया जा चुका है.’’ (इनपुट एजेंसी)