कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को धमकी दे रही हैं कि यदि वे भाजपा के संपर्क में नहीं आएंगे तो उन्हें चिटफंड घोटाला मामलों में जेल भेज दिया जाएगा. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने यहां ‘शहीद दिवस’ रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भगवा पार्टी तृणमूल के विधायकों को पैसे व अन्य लाभों से ललचा कर ‘ कर्नाटक का खरीद-फरोख्त मॉडल’ लागू करना चाहती है. ममता ने कहा कि पार्टी 26 जुलाई को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी और भाजपा द्वारा ‘‘जुटाए गए’’ काले धन को वापस करने की मांग करेगी.Also Read - IAS Cadre Rules में बदलाव करने जा रही मोदी सरकार, जानें इससे क्या फर्क पड़ेगा, जिसका विरोध हो रहा है

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लोकसभा चुनाव के बाद अपनी पहली बड़ी राजनीतिक रैली में बनर्जी ने कहा, ‘‘केंद्रीय एजेंसियां चिटफंड घोटाले से संबंधित मामलों को लेकर हमारे नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को धमकी दे रही हैं तथा उनसे भाजपा के संपर्क में रहने या फिर जेल का सामना करने को कह रही हैं.’’ मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा धन और अन्य प्रलोभनों के जरिए तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को ललचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा पाला बदलने की स्थिति में हमारे विधायकों को दो करोड़ रुपये और एक पेट्रोल पंप देने की पेशकश कर रही है…कर्नाटक की तरह, भाजपा हर जगह खरीद-फरोख्त में शामिल है. वह यहां भी इस मॉडल को लागू करने की कोशिश कर रही है. भाजपा को लगता है कि वह हर किसी को खरीद सकती है.’’ Also Read - Manipur Polls 2022: मणिपुर में विधानसभा चुनाव से पहले TMC का एकमात्र विधायक BJP में शामिल

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तृणमूल कांग्रेस नेताओं के एक बड़े तबके पर ‘कट मनी’ लिए जाने के आरोपों के जवाब में बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे 26 जुलाई से भाजपा के खिलाफ आंदोलन शुरू करें और उसके नेताओं से काला धन तथा उज्ज्वला योजना में लिया गया ‘कट मनी’ वापस करने की मांग करें. बनर्जी ने लगभग एक घंटे के अपने भाषण में भाजपा और इसकी नीतियों की आलोचना की, लेकिन इस दौरान किसी भाजपा नेता का नाम नहीं लिया.

उन्होंने कहा, ‘‘वे (भाजपा) हमसे कट मनी वापस करने को कह रहे हैं. उन्होंने मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया है. मैंने कहा था कि हमें यह सुनिश्चित करने के लिए नजर रखनी चाहिए कि कोई भी सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग न करे. लेकिन वे मेरे बयान को हमारे पार्टी नेताओं पर हमला करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. हम इसे सहन नहीं करेंगे.’’ तृणमूल नेता निगम और पंचायत स्तर पर बीरभूम, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, बर्धवान, माल्दा, पुरुलिया, नदिया, पश्चिमी मिदनापुर और बांकुरा जिलों में ‘कट मनी’ के आरोपों के चलते जनता के गुस्से का सामना कर रहे हैं. विरोध प्रदर्शनों के बाद कई तृणमूल नेताओं द्वारा सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से ‘कट मनी’ या कमीशन के रूप में लिए गए लाखों रुपये लौटाए जाने की खबर है.

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बनर्जी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उसे देखते हुए लगता है कि वह ‘‘दो साल से अधिक समय तक’’ नहीं टिक पाएगी. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा, ‘‘वे (भाजपा) विधेयक ला रहे हैं और इन्हें पूर्व सूचना या विमर्श के बिना पारित कर रहे हैं… संसद के अच्छी तरह से चलने का श्रेय विपक्षी दलों को जाता है, न कि सत्तारूढ़ दलों को.’’ पार्टी द्वारा हर साल 21 जुलाई को युवा कांग्रेस के उन 13 कार्यकर्ताओं की याद में ‘शहीद दिवस’ मनाया जाता है जो पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे के शासन के दौरान 1993 में पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे. उस समय बनर्जी युवा कांग्रेस की नेता थीं.