नई दिल्ली: नागरिकता संसोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ यहां के शाहीनबाग (Shaheen Bagh) में चल रहे प्रदर्शन के बीच गुरुवार को एक अलग नजारा देखने को मिला. सभी धर्मो के लोगों ने अपने धर्म के अनुसार पूजा-पाठ व प्रार्थना की. कार्यक्रम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मो के लोगों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान समय में देश मे फैले डर और हिंसा के माहौल को खत्म कर एकजुटता का संदेश देना था. प्रदर्शन में इकट्ठा हुए लोगों ने कहा, “देश को बांटने की कोशिश करने वालों के खिलाफ हम सभी एक साथ खड़े हैं.”Also Read - क्या नागरिकता कानून में संशोधन होगा, केंद्र सरकार ने दिया इस सवाल का जवाब

मुस्लिम धर्म के सुल्तान शेख इस कार्यक्रम में सरदार की पोशाक में नजर आए. इस बाबत पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री कपड़ों से पहचानने की बात करते हैं, तो मैं उनको ये बताना चाहता हूं कि मुझे पहचानें कि मैं किस धर्म से हूं. हमारे देश को बांटने की कोशिश ना करें, हम सब एक हैं और एक साथ रहेंगे.” Also Read - Parliament Monsoon Session 2021: अभी तैयार नहीं हुए CAA के नियम, केंद्र ने कहा- 6 महीने और लगेंगे

हिंदू धर्म के संत युवराज ने कहा, “देश की एकता और अखंडता के लिए हम लोग ये कर रहे हैं, सभी धर्मो की यहां एकता है. शाहीनबाग को कोई ये ना समझे कि यहां सिर्फ मुस्लिम लोगों का धरना है. Also Read - CAA और NRC को लेकर RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान- देश के मुसलमानों को दिया यह भरोसा

यहां सिख समुदाय गुरबाणी कर रहे हैं, ईसाई लोग भी बाइबिल का पाठ कर रहे हैं, मुस्लिम समुदाय कुरान की आयत पढ़ रहे हैं, मैं हिंदुओं का संत होकर हवन कर रहा हूं. इस हवन का आयोजन भी सभी धर्मो के लोगों ने मिलकर किया है.”

ईसाई धर्म के अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने कहा, “इस आयोजन का किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है और सरकार द्वारा लाया गया नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) मुस्लिम समाज के लोगों के खिलाफ है.” बता दें कि पिछले डेढ़ महीने से शाहीन बाग़ में प्रदर्शन चल रहा है. प्रदर्शन का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं. अब इस आंदोलन में सभी धर्मों के लोग शामिल हो रहे हैं.

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